हैदराबाद, 26 जनवरी (भाषा) तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने सोमवार को कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप इस राज्य ने तीन हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है ताकि देश की समग्र वृद्धि में वह महत्वपूर्ण योगदान दे सके।
विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप देश को 2047 तक 30 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
यहां परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ‘‘तेलंगाना राइजिंग – विजन 2047’’ दस्तावेज का अनावरण पिछले वर्ष दिसंबर में वैश्विक नेताओं और निवेशकों की मौजूदगी में किया गया था।
उन्होंने बताया कि इस दस्तावेज में सरकार ने तीन संतुलित आर्थिक क्षेत्र सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
वर्मा ने कहा, ‘‘विकसित भारत की परिकल्पना 2047 तक भारत को 30 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की है। इसी राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप तेलंगाना ने तीन हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिससे देश की समग्र वृद्धि में बड़ा योगदान दिया जा सके। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ही ‘तेलंगाना राइजिंग– विजन 2047’ दस्तावेज तैयार किया गया है।’’
राज्यपाल ने यह भी बताया कि तेलंगाना के इतिहास में पहली बार मंत्रिमंडल की बैठक आदिवासी गांव मेदाराम में आयोजित की गई, जो द्विवार्षिक मेदाराम आदिवासी महोत्सव को सर्वोच्च महत्व देने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
भाषा गोला अविनाश
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