नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) द्वारा 2026 को ‘परिवार वर्ष’ घोषित करने की पहल की रविवार को सराहना करते हुए इसकी तुलना भारत की परिवार व्यवस्था से की, जो देश की परंपराओं का हिस्सा है।
अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने गुजरात के एक गांव में शुरू की गई एक पहल का जिक्र किया, जहां सभी परिवारों के लिए एक सामुदायिक रसोई चलाई जाती है।
मोदी ने कहा, “ गुजरात में बेचराजी के चंदनकी गांव की परंपरा अपने आप में अनूठी है। अगर मैं आपसे कहूं कि यहां के लोग, विशेषकर बुजुर्ग, अपने घरों में खाना नहीं बनाते, तो आपको हैरत होगी। इसकी वजह गांव की शानदार सामुदायिक रसोई है।”
उन्होंने कहा कि ये पहल न केवल लोगों को आपस में जोड़ती है, बल्कि इससे पारिवारिक भावना को भी बढ़ावा मिलता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “कई देशों में ऐसी परिवार व्यवस्था को लेकर बहुत सम्मान का भाव है। कुछ ही दिन पहले ही मेरे भाई यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत आए थे।”
अल नाहयान ने उन्हें बताया कि यूएई साल 2026 को‘ परिवार वर्ष’ रूप में मना रहा है।
मोदी ने कहा, “मकसद ये है कि वहां के लोगों के बीच सौहार्द और सामुदायिक भावना और मजबूत हो, वाकई ये बहुत ही सराहनीय पहल है।”
भाषा नोमान दिलीप
दिलीप
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