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Saturday, 24 January, 2026
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हाइपरस्केल डेटा सेंटर, वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट: इस साल दावोस में उत्तर प्रदेश ने किए MoU

यूपी निवेश विभाग के अनुसार, ये समझौते ऊर्जा परियोजनाओं, इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर पावर से जुड़े हैं.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश ने दावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में दर्जनों से ज्यादा कंपनियों के साथ 2.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. राज्य अधिकारियों के अनुसार, यह राज्य के अब तक के सबसे बड़े निवेश अभियानों में से एक है.

यूपी निवेश विभाग के अनुसार, इन समझौतों में डेटा सेंटर, ऊर्जा परियोजनाएं, इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर पावर शामिल हैं.

इसका सबसे बड़ा हिस्सा भारतीय कंपनी एम ग्रीन के साथ 25 अरब डॉलर (लगभग 2.29 लाख करोड़ रुपये) का समझौता है. अधिकारियों ने इसे राज्य को अब तक मिला सबसे बड़ा एकल निवेश करार बताया है.

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि इस परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा में अगले पांच साल में 1 गीगावॉट का एआई हाइपरस्केल डेटा सेंटर बनाया जाएगा, जो अगली पीढ़ी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ज़रूरतों के लिए बड़े स्तर पर डेटा प्रोसेसिंग पर केंद्रित होगा.

अन्य घरेलू साझेदारियों में, SAEL इंडस्ट्रीज वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में 8,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी, जबकि ESSAR ग्रुप ने पावर और ऊर्जा से जुड़ी पहलों के लिए 25,000 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई है. NIBE ने ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पार्क और आर्टिलरी एक्सप्लोसिव्स फैसिलिटी के लिए 500 करोड़ रुपये का समझौता किया है और Promoteq एबी इंडिया ने Promoteq इंडिया हब के लिए 100 करोड़ रुपये निवेश का वादा किया है. INOXGFL ग्रुप ने भी सोलर पावर परियोजनाओं के लिए MoU साइन किया है, हालांकि निवेश राशि का खुलासा नहीं किया गया.

अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी इन समझौतों में प्रमुख रूप से शामिल रहीं. अमेरिका की Yeoman हथियार प्रणालियों के एकीकरण और मैन्युफैक्चरिंग में 150 करोड़ रुपये निवेश करेगी, जबकि ब्रिटेन की TWI ग्रुप ऑफ कंपनियों ने हाइब्रिड ईसी मोटरसाइकिलों के लिए 1,100 करोड़ रुपये का निवेश तय किया है. स्वीडन की Promoteq ने मैन्युफैक्चरिंग परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये देने का वादा किया है और ऑस्ट्रेलिया की Arna Pharma ने जैविक फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए 1,250 करोड़ रुपये का समझौता किया है.

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने भी राज्य सरकार के साथ एक गैर-वित्तीय एमओयू साइन किया है, ताकि नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं पर सहयोग किया जा सके.

एक अधिकारी ने बताया कि ESSAR के साथ साझेदारी पावर और ऊर्जा सिस्टम, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग, और डेटा सेंटर पर केंद्रित होगी. यह पहल मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और अगली पीढ़ी के डिजिटल सिस्टम के लिए भारत की सोच के अनुरूप है. इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने, सप्लाई चेन की दक्षता बढ़ने और रोजगार सृजन की उम्मीद है.

यूपी के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शिखर सम्मेलन में राज्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया. टीम ने एआई और डिजिटल नवाचार, ग्रीन हाइड्रोजन, वित्त, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर वैश्विक कंपनियों से चर्चा की.

अधिकारियों ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में इन MoU का बड़ा हिस्सा जमीन पर उतरकर वास्तविक परियोजनाओं में बदलेगा.

यूपी इन्वेस्ट के सीईओ विजय किरण आनंद ने दिप्रिंट को बताया कि कुल 130 से अधिक बैठकें हुईं, जिनमें 60 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बैठकें शामिल थीं. उन्होंने कहा, “बाकी बैठकें भारतीय कंपनियों के साथ हुईं, जिनमें से कई ने वैश्विक साझेदारियों, तकनीकों और पूंजी से जुड़े समझौतों पर चर्चा की.”

उन्होंने यह भी कहा कि आगे की बातचीत और फॉलो-अप से निवेश में तब्दील होगा.

उत्तर प्रदेश ने पिछले निवेश शिखर सम्मेलनों में मिले निवेश प्रस्तावों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा लागू कर दिया है. राज्य ने 2018 और 2023 के निवेश शिखर सम्मेलनों में कुल 38 लाख करोड़ रुपये के MoU साइन किए थे. इनमें से 32 प्रतिशत परियोजनाएं, जिनकी कुल कीमत 12 लाख करोड़ रुपये है — लागू की जा चुकी हैं. यह जानकारी MoU साइन होने के बाद हुई ग्राउंड-ब्रेकिंग सेरेमनी के विश्लेषण में सामने आई है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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