अहमदाबाद, 23 जनवरी (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने पिछले साल दसवीं कक्षा के एक छात्र की चाकू से हमला कर हत्या करने के मामले में स्कूल से प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी चूक के बारे में सवाल किया।
पिछले साल 19 अगस्त को कक्षा 10वीं के एक छात्र की उसके सहपाठी द्वारा कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।
न्यायमूर्ति निर्जर देसाई की अदालत ने सवाल उठाया कि क्या कोई माता-पिता स्वेच्छा से अपने बच्चे को ऐसे संस्थान में दाखिला दिलाएंगे, जो स्कूल के प्रशासन के संबंध में राज्य सरकार द्वारा उठाई गई चिंताओं से अवगत हैं।
चाकूबाजी की घटना पर व्यापक आक्रोश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने स्कूल प्रबंधन का जिम्मा संभाल लिया था।
स्कूल ने प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती दी, जिसकी सुनवाई अदालत में हुई।
राज्य सरकार ने डीईओ के कार्यभार संभालने के खिलाफ स्कूल प्रबंधन को तत्काल राहत देने का विरोध किया। सरकारी वकील जीएच विर्क ने बताया कि दिसंबर के मध्य से ही संस्थान ने सहयोग नहीं किया है और बार-बार अनुरोध करने के बावजूद अधिकारियों द्वारा मांगे गए कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं।
सरकार ने स्कूल पर नकद में फीस वसूलने का भी आरोप लगाया और कहा कि एक महीने से अधिक समय से मांगे जा रहे वित्तीय खाते अभी तक प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
उच्च न्यायालय ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 10 फरवरी तय की।
भाषा देवेंद्र शफीक
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