नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने शुक्रवार को पंजाब पुलिस प्रमुख (डीजीपी) को पत्र लिखकर विपक्ष की नेता आतिशी के एक कथित वीडियो से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां मांगी है। आतिशी पर सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
सचिवालय ने पुलिस से मामले से जुड़ी प्राथमिकी और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित अन्य संबंधित दस्तावेजों की मांग की है।
यह कदम पंजाब के डीजीपी गौरव यादव द्वारा दिल्ली विधानसभा सचिव को दिए गए उस जवाब के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने ‘छेड़छाड़’ किए गए वीडियो क्लिप के संबंध में दर्ज प्राथमिकी पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। डीजीपी ने अपने जवाब में कहा था कि पुलिस ने कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की है।
इससे पहले, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा था कि संबंधित वीडियो की सत्यता पर फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार यह वीडियो क्लिप वास्तविक है और इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान छह जनवरी को गुरु तेग बहादुर, भाई सती दास, भाई मति दास और भाई दयाला की शहादत की 350वीं वर्षगांठ पर चर्चा हुई थी। इस चर्चा के समापन के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आतिशी पर गुरु तेग बहादुर के खिलाफ ‘असंवेदनशील शब्दों’ का प्रयोग करने का आरोप लगाया था।
भाजपा विधायकों ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से उनकी कथित टिप्पणी को लेकर माफी मांगने की मांग की थी। भाजपा ने उनकी सदन की सदस्यता रद्द करने की भी मांग की थी।
दिल्ली विधानसभा ने जालंधर के एक निवासी की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी को लेकर 10 जनवरी को पंजाब के डीजीपी, विशेष डीजीपी (साइबर अपराध) और जालंधर पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि सात जनवरी को उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो क्लिप देखे, जिनमें भ्रामक उपशीर्षक के माध्यम से आतिशी को सिख गुरुओं के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दिखाया गया था।
आतिशी ने लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा ने वीडियो के साथ छेड़छाड़ की है।
इस बीच, विधानसभा सचिवालय ने शुक्रवार को पंजाब की फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को पत्र भेजकर जालंधर में दर्ज प्राथमिकी से जुड़े सभी दस्तावेज 28 जनवरी तक सौंपने को कहा।
भाषा प्रचेता अविनाश
अविनाश
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