scorecardresearch
Friday, 23 January, 2026
होमदेशजम्मू के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश

जम्मू के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश

Text Size:

(तस्वीरों के साथ)

जम्मू, 23 जनवरी (भाषा) प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर सहित जम्मू क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई मध्यम से भारी बर्फबारी के कारण कई अहम सड़कों को यातायात के लिए बंद करना पड़ा। इसकी वजह से हवाई और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है।

अधिकारियों ने बताया कि पुंछ और उधमपुर जिलों के बर्फ से ढके इलाकों से 100 से अधिक फंसे हुए लोगों को बचाया गया। वहीं, जम्मू शहर सहित मैदानी इलाकों में मध्यम बारिश हुई, जिससे दो महीने से अधिक समय से जारी शुष्क मौसम खत्म हो गया।

अधिकारियों ने बताया कि मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार बृहस्पतिवार देर शाम अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में तेज हवाओं के साथ बर्फबारी शुरू हुई। उन्होंने बताया कि जम्मू शहर सहित मैदानी इलाकों में रात भर रुक-रुक कर बारिश होती रही।

अधिकारियों ने बताया कि रामबन, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी, रियासी, उधमपुर और कठुआ जिलों के ऊचांई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी जारी है।

उन्होंने बताया कि कई इलाकों में कुछ इंच से लेकर दो फीट से अधिक तक बर्फबारी हुई।

अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर के आखिरी सप्ताह में ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ था। हालिया बारिश से लोगों, विशेषकर किसानों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिली और क्षेत्र में शुष्क मौसम खत्म हो गया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुंछ जिले के मेंढर क्षेत्र के तोतागली में फंसे 70 लोगों को खराब मौसम के बावजूद सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्होंने बताया कि कृष्णा घाटी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण फंसे 30 अन्य यात्रियों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद पुलिस ने एक और बचाव अभियान चलाया गया और उधमपुर जिले के बसंतगढ़ क्षेत्र के चोचरू गल्ला में बर्फबारी की वजह से फंसी महिलाओं और बच्चों सहित 12 लोगों को बचा लिया गया।

इसी बीच,माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘श्री माता वैष्णो देवी भवन (रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों के ऊपर स्थित) में मौसम की पहली बर्फबारी हुई। भक्तों को मनमोहक मौसम का अनुभव करने का मौका मिला क्योंकि ताजा बर्फ ने धीरे-धीरे मां वैष्णो देवी भवन और भैरव मंदिर के पवित्र परिसर को सुशोभित कर दिया, जिससे वातावरण शांति, भक्ति और दिव्य आनंद से भर गया।’’

अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर ताराकोटे और बाणगंगा दोनों मार्गों से यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब इसे बहाल कर दिया गया है।

कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र साल भर खुली रहने वाली सड़क, 270 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बर्फबारी की वजह से यातायात के लिए बंद करना पड़ा है जिससे, हजारों वाहन फंसे हुए हैं।

यातायात विभाग के एक अधिकारी ने बताया,‘‘जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर नवयुग सुरंग (बनिहाल-काजीगुंड खंड में) के आसपास ताजा बर्फबारी के कारण जम्मू से श्रीनगर और श्रीनगर से जम्मू-श्रीनगर जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया है।’’

अधिकारी ने बताया, ‘‘इसके अलावा, ताजा बर्फबारी के कारण मुगल रोड, श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंथन रोड भी बंद कर दिए गए हैं।’’

यातायात विभाग के अधिकारी ने यात्रियों को सलाह दी कि जब तक ये सड़कें पूरी तरह से खोल नहीं दी जाती और यातायात के लिए सुरक्षित करार नहीं दी जातीं, तब तक यात्रा करने से बचें।

अधिकारियों ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण जम्मू और कश्मीर के बीच रेल सेवा भी आंशिक रूप से प्रभावित हुई है।

बनिहाल स्टेशन मास्टर अब्दुल बसीर बाली ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘भारी बर्फबारी के कारण, संगलदान और बनिहाल से श्रीनगर की ओर केवल एक-एक ट्रेन चलाई जा सकी, जबकि कश्मीर से बनिहाल की किसी ट्रेन का परिचालन नहीं किया जा सका क्योंकि पटरियों का बड़ा हिस्सा बर्फ से ढका हुआ था।’’

उन्होंने बताया कि रेलवे के अधिकारी मौसम की स्थिति और पटरियों पर से बर्फ हटाने के कार्य पर कड़ी नजर रख रहे हैं। हालात सुधरते ही सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।

अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के कारण शुक्रवार सुबह जम्मू हवाई अड्डे पर पांच उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि कई अन्य उड़ानों में देरी हुई। दिन के दौरान हवाई अड्डे से आने-जाने वाली कुल 32 उड़ानें निर्धारित हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बर्फबारी के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियातन राजौरी, पुंछ और कठुआ के पहाड़ी जिलों में सभी विद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने सभी जिला मुख्यालयों में समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी स्थापित किए हैं।

इस बीच, बारिश और जलभराव की वजह से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने जम्मू स्थित अपने मुख्यालय में भर्ती अभियान 24 जनवरी के बजाय छह फरवरी को आयोजित करने का फैसला किया है।

बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया, ‘‘लगातार भारी बारिश के कारण बीएसएफ जम्मू पलौरा कैंप और उसके आसपास जलभराव हो गया है, जिससे स्टेडियम और ट्रैक प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए, बीएसएफ में सीटी/टीएम की भर्ती के लिए 24 जनवरी, 2026 को होने वाली पीएसटी/पीईटी (आरएफआईडी के माध्यम से) परीक्षा स्थगित कर दी गई है। परीक्षा की संशोधित तिथि अब 6 फरवरी, 2026 तय की गई है।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments