नोएडा: नोएडा पुलिस ने 27-साल के टेकी युवराज मेहता की मौत के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि युवराज की मौत सेक्टर-150 में सार्वजनिक सड़क के पास जलभराव वाले गड्ढे में कार गिरने से हुई थी.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि बंसल और सचिन करनवाल के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर ग्रेटर नोएडा पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी. इसके बाद लोटस ग्रीन कंपनी और बिल्डर से जुड़े दो लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. ग्रेटर नोएडा के डीसीपी ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर से जुड़े हादसे की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज की गई और उसी क्रम में लोटस ग्रीन कंपनी और बिल्डर से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है.
इससे पहले इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. एफआईआर में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है. जिन पांच लोगों को नामजद किया गया है, उनमें अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अचल बोहरा और निर्मल कुमार शामिल हैं.
एफआईआर के अनुसार, यह मामला मंगलवार को नियमित गश्त के दौरान सामने आया, जब पुलिस ने एक बड़ा और गहरा गड्ढा देखा, जिसमें कई वर्षों से गंदा और ठहरा हुआ पानी भरा था. पानी अत्यधिक प्रदूषित था, उसमें कचरा जमा था, दुर्गंध फैल रही थी और इससे जनस्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था.
जांच में सामने आया कि यह जमीन वर्ष 2014 में लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदी थी और बाद में 2020 में इसे विजटाउन को बेच दिया गया. हालांकि, एफआईआर के अनुसार लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन की इस संपत्ति में अब भी बड़ी हिस्सेदारी बनी हुई है.
