बीड, 21 जून (भाषा) महाराष्ट्र के बीड जिले की पुलिस की मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) ने बाल विवाह निषेध अधिनियम का उल्लंघन करके 30 साल के व्यक्ति से ब्याही गई 14 वर्षीय लड़की को मुक्त कराया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक इस घटना के संबंध में गेओराई तहसील के तलवाडा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एएचटीयू की प्रभारी अधिकारी पल्लवी जाधव को सोमवार सुबह सूचना मिली कि आमला गांव में पांच जनवरी को एक नाबालिग लड़की की शादी हुई है और उसी घर में सत्यनारायण पूजा की जा रही है।
अधिकारी ने बताया कि एएचटीयू की एक टीम ने घर पर छापा मारा लेकिन लड़की शुरू में वहां नहीं मिली।
पुलिस ने दूल्हे कृष्णा उर्फ बबन अनुरुद्र वरबडे (30) को हिरासत में लिया, जिसने स्वीकार किया कि लड़की उसके मामा की बेटी है और उसकी उम्र केवल 14 वर्ष है।
अधिकारी ने बताया कि कुछ ही देर में लड़की भी मिल गई। पुलिस निरीक्षक जाधव ने उसे सांत्वना दी और परामर्श दिया।
विज्ञप्ति के मुताबिक प्रक्रिया के तहत नाबालिग लड़की को उसके माता-पिता के साथ बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
भाषा धीरज जोहेब
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