लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय, समता और बंधुता भारतीय लोकतंत्र की आत्मा हैं. उन्होंने कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारशिला है, जहां कानून निर्माण के साथ समग्र विकास की दिशा तय होती है.
सीएम योगी ने कहा कि संसद और विधानमंडल संवाद, सहमति और असहमति के बीच संतुलन का उदाहरण हैं. उन्होंने यूपी विधानसभा और विधान परिषद की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए बताया कि ज्वलंत मुद्दों और सतत विकास लक्ष्यों पर लगातार सार्थक चर्चा की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ पर हुई 24 घंटे की चर्चा और जनता से मिले 98 लाख सुझावों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन “सीखो और सिखाओ” के प्रभावी मंच हैं, जो विधायी संस्थाओं को और मजबूत बनाते हैं.
समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश सहित देशभर से आए पीठासीन अधिकारी उपस्थित रहे.
