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Wednesday, 21 January, 2026
होमदेशमान का ‘गैंगस्टरां ते वार’: इंटेल बॉस हटाए गए, विदेशी गैंगस्टरों के 1300 ‘सहयोगी’ हिरासत में लिए गए

मान का ‘गैंगस्टरां ते वार’: इंटेल बॉस हटाए गए, विदेशी गैंगस्टरों के 1300 ‘सहयोगी’ हिरासत में लिए गए

राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर हो रही आलोचना के बीच विदेशी ठिकानों से काम करने वाले ऑपरेटरों पर खास जोर देते हुए तीन दिन का सघन अभियान शुरू किया है.

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नई दिल्ली: राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के हमलों का सामना कर रही भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने मंगलवार को गैंगस्टरों के खिलाफ तीन दिन का अभियान शुरू किया. इस अभियान में विदेश में बैठे ऑपरेटरों और उनके स्थानीय साथियों पर खास जोर दिया गया है.

“गैंगस्टरां ते वार” अभियान के तहत, पुलिस ने देश से बाहर रहकर राज्य में अपराध को प्रभावित कर रहे 60 गैंगस्टरों के 1,314 “सहयोगियों और मददगारों” को पकड़ा.

राज्य के पुलिस प्रमुख गौरव यादव ने मंगलवार को एक बयान में कहा, “करीब 12,000 पुलिसकर्मियों की 2,000 से ज्यादा टीमों ने पंजाब भर में 60 विदेशी गैंगस्टरों के सहयोगियों से जुड़े, पहले से चिन्हित और मैप किए गए ठिकानों पर छापेमारी की है.”

उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत पुलिस ने राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के खिलाफ सघन तलाशी अभियान चलाया है. पुलिस फरार गैंगस्टरों की “फंडिंग, लॉजिस्टिक्स, सेफ हाउस, हथियारों की सप्लाई चेन और कम्युनिकेशन नेटवर्क” पर लगाम लगाने के लिए प्रतिबद्ध है.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए लोगों के रिकॉर्ड और पिछला इतिहास खंगाला जा रहा है. पूरी तरह से जांच के बाद या तो उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा या फिर छोड़ दिया जाएगा.

यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ, जब राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार सिन्हा को राज्य के इंटेलिजेंस चीफ के पद से हटा दिया. वह अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) थे और यह पद पुलिस विभाग में एक अहम राजनीतिक पद माना जाता है.

राज्य सरकार ने इस पद का स्तर भी घटाया और आईपीएस अधिकारी सुखचैन सिंह गिल, जो इंस्पेक्टर जनरल रैंक के अधिकारी हैं, को इस पद पर नियुक्त किया.

आलोचना के घेरे में पुलिस

हाल के दिनों में पंजाब पुलिस को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी है. इस दौरान कई गंभीर अपराध हुए हैं, जैसे अमृतसर में सत्ताधारी पार्टी के एक सरपंच की हत्या और मोहाली में एक कबड्डी प्रमोटर की हत्या.

मंगलवार को इससे पहले, पंजाब के डीजीपी यादव ने कहा कि पुलिस ने काउंटर-इंटेलिजेंस विभाग में एक विशेष सेल बनाया है, जिसे ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रडिशन सेल (OFTEC) कहा जाता है. इसका उद्देश्य विदेश में रह रहे फरार गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण (एक्सट्रडिशन) की प्रक्रिया को तेज करना है. OFTEC का नेतृत्व डीआईजी काउंटर-इंटेलिजेंस आशीष चौधरी कर रहे हैं.

डीजीपी यादव ने कहा, “इन गैंगस्टरों को कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए पंजाब लाया जाएगा.”

उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस ने अब तक चिन्हित किए गए 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) हासिल कर लिए हैं और बाकी 37 के लिए अगले तीन महीनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.

नशे के खिलाफ जंग

गैंगस्टरों के खिलाफ यह तीन दिन का सघन अभियान, मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा राज्य में नशे के खिलाफ शुरू किए गए विशेष अभियान के करीब एक साल बाद आया है.

नशा विरोधी अभियान के तहत अब तक पंजाब पुलिस ने प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी के आरोप में 45,403 लोगों को गिरफ्तार किया है.

हालांकि, विपक्षी दल मान सरकार पर हमले जारी रखे हुए हैं.

सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई के एक सोशल मीडिया पोस्ट, जिसमें कहा गया था कि “किसी भी गैंगस्टर को नहीं बख्शा जाएगा,” पर प्रतिक्रिया देते हुए, पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने राज्य सरकार से लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया की तिकड़ी के बारे में सवाल किया.

बिश्नोई अहमदाबाद सेंट्रल जेल में बंद है, भगवानपुरिया डिब्रूगढ़ जेल में है और बराड़ विदेश में है, लेकिन इनके गिरोह से जुड़े गैंगस्टर अभी भी राज्य में सक्रिय हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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