नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर में खराब होती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने मंगलवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज-IV के उपाय लागू किए थे. हालांकि, बाद में आयोग ने 17 जनवरी 2026 को जारी अपने स्टेज-IV से जुड़े आदेशों को वापस ले लिया है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह की तुलना में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किया गया, जब AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में 418 था. इसके बावजूद दिल्ली के कई इलाकों में AQI बेहद खतरनाक स्तर पर बना रहा.
आनंद विहार और अशोक विहार में AQI 444 दर्ज किया गया, जबकि वजीरपुर में यह 446 रहा. इसके अलावा पंजाबी बाग (437), आरके पुरम (421), बवाना (418), आईटीओ (414), चांदनी चौक (412) और द्वारका सेक्टर-8 (412) जैसे इलाके भी ‘गंभीर’ श्रेणी में रहे, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक जोखिम दर्शाता है.
AQI वर्गीकरण के अनुसार 0–50 ‘अच्छा’, 51–100 ‘संतोषजनक’, 101–200 ‘मध्यम’, 201–300 ‘खराब’, 301–400 ‘बहुत खराब’ और 401–500 ‘गंभीर’ श्रेणी मानी जाती है.
मौसम विभाग (IMD) और IITM के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में दिल्ली का औसत AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना रह सकता है.
CAQM ने स्पष्ट किया कि NCR में सभी संबंधित एजेंसियों को कड़ी निगरानी बनाए रखने और GRAP के स्टेज-I, II और III के तहत उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि AQI दोबारा ‘गंभीर’ श्रेणी में न पहुंचे. आयोग ने कहा कि पूरे क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की लगातार निगरानी और समीक्षा जारी रहेगी.
