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Tuesday, 20 January, 2026
होमरिपोर्टछत्तीसगढ़: 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन

छत्तीसगढ़: 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन

इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकार भाग लेंगे. आयोजन के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा.

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23, 24 और 25 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया जा रहा है. तीन दिवसीय यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और विचार विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के साहित्य प्रेमी, लेखक, विचारक और पाठक बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे.

इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकार भाग लेंगे. आयोजन के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा.

सत्रों में बौद्धिक विमर्श, भारतीय ज्ञान परंपरा, संविधान, सिनेमा और समाज, देश में नव जागरण, छत्तीसगढ़ में साहित्य, इतिहास के झरौखे में साहित्य, शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर जैसे विषय शामिल होंगे. इसके अलावा, नाट्यशास्त्र और कला परंपरा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषयों पर भी परिचर्चाएं होंगी. साथ ही, प्रकाशकों की चुनौतियां, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

आयोजन की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं और प्रशासन ने 21 जनवरी 2026 तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा है. मंच, पंडाल, तकनीकी व्यवस्थाएं, सजावट और अन्य आवश्यक सुविधाएं अंतिम रूप ले रही हैं.

साहित्य उत्सव का उद्घाटन 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश द्वारा किया जाएगा. उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वर्धा अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी.

समापन 25 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रिगण और प्रतिष्ठित साहित्यिक विभूतियां डॉ. सच्चिदानंद जोशी और डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी शामिल होंगी.

इस दौरान, छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों के विकास को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. स्थानीय युवाओं और कलाकारों के लिए टैलेंट ज़ोन बनाया गया है, जहाँ काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य और गीत-संगीत प्रस्तुत किए जाएंगे. प्रतिदिन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे.

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