नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा यहां शुरू किये गए जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक (रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स) में सिंगापुर पहले और भारत 16वें स्थान पर है।
इस सूचकांक में 154 देश शामिल हैं। सूचकांक में स्विट्जरलैंड दूसरे, डेनमार्क तीसरे और मध्य अफ्रीकी गणराज्य अंतिम स्थान पर है। वहीं, पाकिस्तान 90वें स्थान पर है।
सूचकांक के अनुसार, चीन 68वें और अमेरिका 66वें स्थान पर है।
पूर्व राष्ट्रपति ने सूचकांक की शुरूआत की। यह अपनी तरह का पहला वैश्विक सूचकांक है जो विभिन्न देशों का मूल्यांकन इस आधार पर करता है कि वे अपने नागरिकों, वैश्विक समुदाय और पृथ्वी के प्रति कितनी जिम्मेदारी से शक्ति का प्रयोग करते हैं।
सूचकांक एक वैश्विक मूल्यांकन ढांचा है जिसे वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (डब्ल्यूआईएफ) द्वारा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के साथ अकादमिक सहयोग से विकसित किया गया है और भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), मुंबई द्वारा पद्धतिगत रूप से मान्यता दी गई है।
कोविंद ने सतत राष्ट्रीय और वैश्विक भविष्य को आकार देने में नैतिक शासन, समावेशी विकास और नैतिक उत्तरदायित्व के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सूचकांक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने वाला स्कोर बोर्ड नहीं है, बल्कि नैतिकता और उत्तरदायित्व का दर्पण है जो दर्शाता है कि क्या देश अपने नागरिकों के साथ न्याय कर रहे हैं।’’
यह सूचकांक तीन मुख्य आयामों पर आधारित है – आंतरिक उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और बाह्य उत्तरदायित्व।
सूचकांक को सात आयामों, 15 पहलुओं और 58 संकेतकों के माध्यम से संचालित किया गया है।
डब्ल्यूआईएफ के संस्थापक और सचिव सुधांशु मित्तल ने कहा कि सूचकांक राष्ट्रों के शक्ति-केंद्रित मूल्यांकन से उत्तरदायित्व-केंद्रित मूल्यांकन की ओर बदलाव को प्रदर्शित करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘सूचकांक एक मूलभूत प्रश्न पूछता है – कोई राष्ट्र अपनी शक्ति का प्रयोग कितने उत्तरदायित्व के साथ करता है? उत्तरदायित्व के बिना समृद्धि अस्थिर है। आरएनआई का लक्ष्य नैतिक शासन, मानवीय विकास और वैश्विक प्रबंधन को प्रोत्साहित करना है।’’
भाषा सुभाष अविनाश
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