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Wednesday, 25 February, 2026
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न्याय प्रदान करने में जिला अदालतों की भूमिका महत्वपूर्ण: प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत

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नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि न्याय प्रदान करने में जिला अदालतों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने उच्च न्यायालयों के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय से भी युवा वकीलों को जिला अदालतों में वकालत करने के लिए ‘प्रोत्साहित’ करने का आग्रह किया।

प्रधान न्यायाधीश ने देश में जिला अदालतों को ‘निचली अदालतों’ के रूप में ‘गलत तरीके से वर्गीकृत’ किए जाने पर अफसोस जताया और कहा कि ‘स्वतंत्र न्यायपालिका के एक महत्वपूर्ण अंग’ होने के नाते ये अदालतें अपीलीय मंचों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा, ‘हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि न्याय मुख्य रूप से केवल अपीलीय मंचों में ही निहित नहीं होता है। सच्चा न्याय जमीनी स्तर की अदालतों में ही निहित है क्योंकि आम नागरिक को अपने अधिकारों के क्रियान्वयन के लिए पहली बार जिला अदालतों में ही सामना करना पड़ता है।’

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, “जिला अदालतें वे स्थान हैं जहां कानून वास्तविक, तात्कालिक रूप लेता है और मानवीय दृष्टिकोण का स्वरूप ग्रहण करता है। यदि किसी वादी को इस प्राथमिक केंद्र में संतोषजनक ढंग से उपचार मिल जाता है, तो मुझे पूरा विश्वास है कि उसे बड़े अस्पतालों में स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं होगी। निश्चित रूप से, उसे किसी ट्रॉमा सेंटर में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।”

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने दिल्ली बार काउंसिल द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में ये बातें कहीं। यह कार्यक्रम उनके 53वें प्रधान न्यायाधीश बनने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

दिल्ली उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, काउंसिल के अधिकारी और बार के सदस्य उपस्थित थे।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपनी ‘चिंताओं’ को साझा किया और उनसे निपटने के लिए बार और बेंच से ‘सहयोगात्मक दृष्टिकोण’ अपनाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों या अन्य ‘महत्वपूर्ण’ विश्वविद्यालयों से विधि स्नातक करने वालों के बीच गलत धारणा है जो उन्हें जिला अदालतों के बजाय उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय को अपने कानूनी पेशे के लिए विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

जिला अदालत से अपने कानूनी करियर की शुरुआत का जिक्र करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि जिला अदालतें ‘पेशेवर संस्कृति को विकसित करने के केंद्र’ हैं और वहां प्रारंभिक प्रशिक्षण अपीलीय अदालतों में वकालत के लिए नींव रखता है।

भाषा आशीष माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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