अनूपपुर (मप्र), 16 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि असमिया छात्र पर हमले के मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
उनका यह बयान पुलिस द्वारा मामले में गैर-जमानती धारा जोड़े जाने के बाद आया है।
असम के 22 वर्षीय स्नातकोत्तर छात्र हीरोस ज्योति दास पर मंगलवार को अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू) के छात्रावास में कथित तौर पर उसके पांच सहपाठियों ने शाम करीब चार बजे हमला किया था। दास की शिकायत पर बुधवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी अपने स्तर पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।’’
अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पीड़ित के मेडिकल प्रमाणपत्र में नाक और आंखों के नीचे चोटें पाई गई हैं, जिसके आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 114 (गंभीर चोट पहुंचाना) जोड़ी गई है।
उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करते समय आरोपियों पर बीएनएस की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 296 (अश्लील कृत्य और शब्द), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नयी धारा अन्य चार धाराओं के साथ जोड़ी गई है, जो गैर-जमानती है और इसके तहत अधिकतम सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि हमले से पहले आरोपियों ने छात्र से उसके मूल स्थान के बारे में पूछा था, हालांकि किसी भी तरह की नस्लीय टिप्पणी नहीं की गई।
दास ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शौचालय से अपने छात्रावास कक्ष की ओर लौटते समय आरोपियों ने उससे उसके मूल स्थान और विश्वविद्यालय में उसकी मौजूदगी को लेकर सवाल किए और फिर उस पर हमला कर दिया। दास ने शिकायत में अनुराग पांडे, जतिन सिंह, रजनीश त्रिपाठी, विशाल यादव और उत्कर्ष सिंह को नामजद किया है।
इससे पहले दिन में अमरकंटक थाने के प्रभारी लाल बहादुर तिवारी ने बताया कि पांचों आरोपी छात्र या तो फरार हो गए हैं या उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्थित अपने घर लौट गए हैं।
भाषा सं दिमो खारी
खारी
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