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Friday, 16 January, 2026
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राज्यपाल ने ‘सेंट अलॉयसियस’ विश्वविद्यालय में ‘स्कूल ऑ इंजीनियरिंग’ एवं ‘लॉ स्कूल’ का उद्घाटन किया

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मंगलुरु (कर्नाटक), 16 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को ‘सेंट अलॉयसियस’ विश्वविद्यालय में ‘स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग’ और ‘स्कूल ऑफ लॉ’ का उद्घाटन किया तथा इसे शिक्षा के सुदृढीकरण एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक कदम बताया।

उन्होंने कहा कि लोगों की जिम्मेदारियों को आकार देने और समुदायों के उत्थान में शिक्षा एक केंद्रीय भूमिका निभाती है।

स्वामी विवेकानंद का उद्धरण देते हुए राज्यपाल ने कहा कि सच्ची शिक्षा चरित्र का निर्माण करती है, मस्तिष्क को मजबूत करती है और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करती है।

उन्होंने विश्वास जताया कि जिन स्कूलों का आज उद्घाटन किया गया है, वे इन आदर्शों को बनाए रखेंगे और भारत के बौद्धिक एवं नैतिक विकास में सार्थक योगदान देंगे।

गहलोत ने नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का उदाहरण देते हुए भारत के विश्वगुरु की परंपरा का जिक्र किया और कहा कि ये विश्वविद्यालय अपनी वैश्विक बौद्धिक विरासत के प्रतीक थे।

उन्होंने कहा कि संस्कृत में विश्वगुरु का अर्थ विश्व के अध्यापक से है जो एक ऐसा राष्ट्र का प्रतीक है जो ज्ञान, संस्कृति और अध्यात्म में नेतृत्व करता है।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और बौद्धिक नेतृत्व दोबारा हासिल करने की भारत की आकांक्षा इसके युवाओं के कौशल, प्रतिभा और ऊर्जा के प्रभावी दोहन पर निर्भर करती है।

इंजीनियरिंग की शिक्षा को लेकर राज्यपाल ने कहा कि नवप्रवर्तन, रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए इसका दायरा तकनीकी प्रशिक्षण से परे जाना चाहिए और ‘डिजिटल इंडिया’, आत्मनिर्भर भारत, हरित ऊर्जा और स्मार्ट शहरों जैसी पहल में सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ‘स्कूल ऑफ लॉ’ नैतिकता और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध पेशेवर तैयार कर न्याय, संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भाषा सं राजेंद्र राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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