कोलकाता, 16 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने निपाह वायरस संक्रमण के संदिग्ध और पुष्टि हो चुके मामलों के उपचार के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि निपाह वायरस से संक्रमित दो मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दिशानिर्देश में, संक्रमण और मृत्यु को रोकने के लिए शीघ्र जांच, पृथकवास का सख्ती से अनुपालन और प्रोटोकॉल-आधारित चिकित्सा प्रबंधन पर जोर दिया गया।
दिशानिर्देश के अनुसार, निपाह के सभी संदिग्ध मामलों को तुरंत पृथक किया जाना चाहिए और संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के कड़े उपायों के साथ निर्दिष्ट स्वास्थ्य केंद्रों में उनका प्रबंधन किया जाना चाहिए।
ऐसे मरीजों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जिसमें उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है।
दिशानिर्देश में इस बात पर बल दिया गया है कि सहायक देखभाल संक्रमण के उपचार का आधार बनी हुई है, क्योंकि निपाह वायरस संक्रमण के लिए कोई भी निश्चित एंटीवायरल दवा अभी तक स्वीकृत नहीं हुई है।
हालांकि, रिबाविरिन नामक एंटीवायरल दवा पर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परामर्श के अनुसार, विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले मामलों में, विशिष्ट परिस्थितियों के आधार पर विचार किया जा सकता है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निगरानी मजबूत करने, त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और संदिग्ध मामलों की समय पर पुष्टि के लिए प्रयोगशालाओं के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने कहा कि वह निपाह से संबंधित किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और प्रोटोकॉल लागू किया गया है।
उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल की दो नर्सों में निपाह संक्रमण की पुष्टि हुई है और उनका इलाज चल रहा है।
भाषा सुभाष माधव
माधव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
