जयपुर, 16 जनवरी (भाषा) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि विकसित राजस्थान के निर्माण में आधी आबादी की भूमिका महत्वपूर्ण है और ‘राजीविका’ की लगभग 13 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि इनमें से ‘मिलेनियर’ दीदी भी बन रही हैं।
वह यहां राजीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों ने सिद्ध कर दिया है कि महिलाएं बेहतरीन प्रबंधक और उद्यमी हैं तथा उन्होंने ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने की मजबूरी से भी मुक्ति पाई है।
आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 51 लाख ग्रामीण परिवारों को चार लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है तथा 32 हजार ग्राम संगठन और एक हजार से अधिक ‘क्लस्टर लेवल फेडरेशन’ के माध्यम से राजीविका का मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि आजीविका संवर्धन के अंतर्गत लगभग 36 लाख परिवार कृषि एवं पशुपालन आधारित गतिविधियों से जुड़कर काम कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि राजस्थान में भी राजीविका के माध्यम से महिलाएं विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं तथा हर बहन पारिवारिक आय बढ़ाने में योगदान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ सरकार आवास से लेकर रसोई गैस सब्सिडी जैसी योजनाओं का लाभ महिलाओं को प्रदान कर रही है।
राज्य सरकार की विभिन्न महिला केंद्रित योजनाओं का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि आजीविका संवर्धन हेतु प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि कृषि एवं पशुपालन और गैर-कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए साढ़े तीन हजार से अधिक उत्पादक समूहों का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि लाडो प्रोत्साहन योजना में देय राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गयी है तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पांच हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर 6500 रुपये किया गया है।
भाषा पृथ्वी राजकुमार
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