हरिद्वार: उत्तराखंड में हरिद्वार कुंभ क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित करने तथा उसके तहत आने वाले सभी धार्मिक स्थानों और गंगा घाटों को गैर हिंदू प्रवेश के लिए प्रतिबंधित किए जाने की मांग के बीच शुक्रवार को हर की पौड़ी में ‘‘अहिंदू निषेध क्षेत्र’’ लिखे बोर्ड लगा दिए गए.
हर की पौड़ी समेत आसपास के घाटों का प्रबंधन और रखरखाव करने वाली संस्था गंगा सभा ने इस प्रकार का बोर्ड हर की पौड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों, पुलों की रेलिंग और खंभों पर लगा दिया है.
वैसे मुख्य स्नान घाट हर की पौड़ी समेत आसपास का क्षेत्र हरिद्वार नगर पालिका अधिनियम 1916 के अनुसार पहले ही गैर हिंदू प्रवेश के लिए प्रतिबंधित है.
लेकिन तीन दिन पूर्व कंदूरा (अरब के शेखों का लिबास) पहनकर दो युवकों के हर की पौड़ी क्षेत्र में घूमने का वीडियो वायरल होने के बाद गंगा सभा ने ये बोर्ड लगा दिए हैं. हालांकि, बाद में पता चला कि ये दोनों युवक हिंदू थे और अपने यूटयूब चैनल के लिए वीडियो बनाने आए थे.
गंगा सभा ने अगले साल होने वाले अर्धकुंभ से पहले पूरे हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में आने वाले सभी धार्मिक स्थानों, मंदिरों और गंगा घाटों को गैर हिंदुओं के लिए प्रतिबंधित करने की मांग उठाई है जिस पर उत्तराखंड सरकार भी गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है.
कंदूरा प्रकरण के बाद गंगा सभा ने सरकारी विभागों के अधिकारियों, अन्य संस्थाओं तथा मीडिया संस्थानों से भी अपील की थी कि वे अपने गैर हिंदू कर्मचारियों को इस क्षेत्र में नियुक्त नहीं करें . उन्होंने इसे क्षेत्र की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए इसे ज़रूरी बताया था .
नए बोर्ड लगाए जाने के बारे में गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा, ‘‘हरिद्वार नगर पालिका उपनियम 1916 के अनुसार, हरकी पौड़ी क्षेत्र में गैर हिंदू व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है. इस उपनियम के बारे में सभी को जानकारी देने के लिए इस तरह का बोर्ड लगाया गया है.’’
उन्होंने कहा कि यह कदम कानून और परंपराओं की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि तीर्थ क्षेत्र की मर्यादा बनी रहे और किसी भी तरह का भ्रम या विवाद उत्पन्न न हो .
हरिद्वार नगर निगम के नगर आयुक्त नंदन कुमार ने भी कहा कि हरिद्वार नगर पालिका के 1916 के उपनियम में हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर हिंदू का प्रवेश वर्जित है .
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