विज्क आन ज़ी (नीदरलैंड), 16 जनवरी (भाषा) विश्व चैंपियन डी गुकेश 2025 की अपनी असफलताओं को पीछे छोड़कर शनिवार से यहां शुरू होने वाले टाटा स्टील मास्टर्स शतरंज टूर्नामेंट में नई शुरुआत करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे जहां पहले दौर में उनका मुकाबला उज्बेकिस्तान के विश्व कप विजेता जावोखिर सिंदारोव से होगा।
यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट विश्व के सबसे पुराने टूर्नामेंट में से एक है। इसकी शुरुआत 1938 से हुई थी और 2011 से इसका आयोजन टाटा स्टील के बैनर तले किया जा रहा है। भारतीय खिलाड़ियों को इस बार टूर्नामेंट में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
गुकेश ने 2024 में चीन के डिंग लिरेन को हराकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। वह टाटा स्टील टूर्नामेंट में पिछली बार हमवतन आर प्रज्ञानानंदा से टाइब्रेक में हार कर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बार वह खिताब जीतने के लिए किसी भी तरह से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे।
मौजूदा चैंपियन प्रज्ञाननंदा एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने मार्च-अप्रैल में होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में अपनी जगह पक्की कर ली है। लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा है।
इस प्रतियोगिता के शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी अर्जुन एरिगैसी हैं, जो कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भाग नहीं लेंगे, लेकिन 2025 के आखिर तक वह भारतीय खिलाड़ियों में रैंकिंग में शीर्ष पर बने रहे। अर्जुन का लक्ष्य यहां अच्छा प्रदर्शन करके रैंकिंग में अपनी स्थिति को और मजबूत करना होगा।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी अरविंद चिदंबरम हैं, जो अपने करियर के सबसे मुश्किल टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ने के लिए बेताब होंगे।
प्रज्ञाननंदा पहले मैच में अर्जुन से भिड़ेंगे जबकि चिदंबरम का सामना जर्मनी के मैथियास ब्लूबाउम से होगा।
भारतीय खिलाड़ियों को इस टूर्नामेंट में नीदरलैंड के अनीश गिरी, उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव और जर्मनी के विन्सेंट कीमर जैसे खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती मिलेगी।
इस बार टूर्नामेंट में नई समय नियंत्रण प्रणाली लागू की गई है जिसके तहत खिलाड़ियों को 40 चालें चलने तक कोई अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा।
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पंत मोना
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