मुंबई, 16 जनवरी (भाषा) लंबे इंतजार के बाद हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में मुंबई के विभिन्न हिस्सों के लोगों ने उत्साह के साथ मतदान किया, लेकिन ‘पॉश’ कोलाबा इलाके के एक वार्ड में निराशाजनक रूप से केवल 20.88 प्रतिशत मतदान हुआ और पिछले चुनावों में कम भागीदारी की उसकी परंपरा कायम रही।
अंतिम मतदान आंकड़ों के अनुसार, कोलाबा के कुछ हिस्सों को कवर करने वाले नगर निकाय वार्ड 227 में 20.88 प्रतिशत मतदान हुआ, जो मुंबई के कुल 227 नगर निकाय वार्डों में सबसे कम है।
यह वार्ड मुंबई के कुल मतदान प्रतिशत 52.94 के आधे तक भी नहीं पहुंच सका, यानी कुल 46,036 में से केवल 9,614 निवासियों ने मतदान किया।
इस ‘पॉश’ इलाके के अन्य दो वार्ड-226 और 225-में क्रमशः 50.69 प्रतिशत और 45.59 प्रतिशत मतदान हुआ।
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के भाई एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार मकरंद नार्वेकर, जो चुनावों में सबसे अमीर उम्मीदवार हैं, वार्ड 226 से चुनाव लड़ रहे थे, जबकि उनकी रिश्तेदार गौरवी शिवालकर नार्वेकर वार्ड 227 से चुनावी मैदान में हैं।
कोलाबा मुख्य रूप से नगर निकाय वार्ड 225, 226 और 227 के अंतर्गत आता है। यह मुंबई के सबसे विविध इलाकों में से एक है, जहां मराठी भाषी परिवार, पारसी, मुस्लिम, ईसाई और सिंधी समुदाय के लोगों के अलावा नौसैनिक प्रतिष्ठानों की मौजूदगी के कारण रक्षा कर्मी भी रहते हैं।
इस इलाके में विरासत क्षेत्र और महंगे आवासीय परिसर हैं। इनके अलावा यहां पुरानी आवासीय कॉलोनियां और चॉल भी है। इसी कारण यहां नागरिकों चिंताएं भी अलग-अलग हैं।
सितंबर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले, भारत निर्वाचन आयोग ने कोलाबा में मतदाताओं की उदासीनता को लेकर चिंता जताई थी।
तत्कालीन पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने शहरी इलाकों जैसे कोलाबा और कल्याण पश्चिम में कम मतदान को रेखांकित किया था और इन निर्वाचन क्षेत्रों तथा नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के बस्तर के बीच स्पष्ट अंतर की ओर इशारा किया था, जहां पिछले चुनावों में क्रमशः 78 प्रतिशत और 68 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था।
भाषा सिम्मी मनीषा
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