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Thursday, 15 January, 2026
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पुराने हैदराबाद के पुरानापुल इलाके में मंदिर में तोड़फोड़, भीड़ की पुलिस से झड़प

बुधवार रात मंदिर में तोड़फोड़ और हिंसा के बाद दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए. बाद में, AIMIM प्रमुख ओवैसी ने इलाके का दौरा किया, क्योंकि इलाके में तनाव फैल गया था.

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हैदराबाद: बुधवार देर रात हैदराबाद के ओल्ड सिटी इलाके में उस समय तनाव फैल गया, जब पुरानापुल दरवाजा स्थित एक मंदिर के अंदर किसी अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर मूर्तियों और तस्वीरों को नुकसान पहुंचाया.

इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ, जो पत्थरबाजी में बदल गया. इसमें पुलिसकर्मी और आम नागरिक घायल हो गए. झड़प के दौरान कई नागरिक और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचा. यह घटना चारमीनार जोन के अंतर्गत कामाटीपुरा पुलिस स्टेशन की सीमा में हुई.

तनाव के बाद, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी गुरुवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

कामाटीपुरा पुलिस ने इस घटना और इसके बाद हुई हिंसा के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम (PDPP Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज किए.

पहले मामले में, पुलिस ने एक निजी कर्मचारी की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 324(2), 329(4) और 298 के तहत मामला दर्ज किया. ये धाराएं क्रमशः शरारत, गंभीर रूप से अनधिकृत प्रवेश और पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाने से संबंधित हैं.

दूसरा मामला कामाटीपुरा पुलिस स्टेशन के एक सब-इंस्पेक्टर की शिकायत पर दर्ज किया गया. इसमें BNS की धारा 324(2), 329(4), 132 और 298 को धारा 3(5) के साथ जोड़ा गया है. ये धाराएं संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की शरारत, लोक सेवक पर हमला और सामूहिक जिम्मेदारी के तहत धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने से संबंधित हैं. इसके अलावा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सजा से जुड़ी PDPP अधिनियम की धारा 3 भी आरोपी पर लगाई गई है.

बाद में यह सामने आया कि मंदिर परिसर के पास एक भीड़ इकट्ठा हुई और कथित तौर पर आसपास मौजूद एक धार्मिक झंडे और कब्रों को नुकसान पहुंचाया. जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की, तो भीड़ के कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिससे दो पुलिसकर्मी और कुछ नागरिक घायल हो गए.

एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया और पुलिस वाहनों सहित कई गाड़ियों को भीड़ ने नुकसान पहुंचाया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और अतिरिक्त बल तैनात किया गया.

हैदराबाद साउथ रेंज (कानून एवं व्यवस्था) के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त तफसीर इकबाल ने समाचार एजेंसी एएनआई को पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी.

एसीपी इकबाल ने स्थानीय निवासियों को आश्वासन दिया कि भीड़ नियंत्रण के उपाय लागू कर दिए गए हैं और दोनों मामलों में आरोपियों की पहचान के लिए जांच शुरू हो चुकी है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भीड़ में इकट्ठा न हों और अफवाहों पर ध्यान न दें.

इस बीच, ओवैसी ने एएनआई से कहा कि ऐसी ज्यादातर घटनाएं रात के समय हो रही हैं. उन्होंने कहा, “यह एक ऐसे मुद्दे पर हो रहा है जिसका कोई मतलब ही नहीं है. ये लोग सांप्रदायिक विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. कोई कहता है पोस्टर फेंका गया, कोई कहता है वहां कुछ हुआ.”

उन्होंने स्थानीय प्रशासन की तैयारियों और प्रबंधन पर भी सवाल उठाए. ओवैसी ने कहा, “मेरी चिंता यह है कि वहां स्थानीय पुलिस क्या कर रही है. आपके पास सीसीटीवी कैमरे हैं. हैदराबाद में सबसे अच्छे सीसीटीवी कैमरे और फेशियल तकनीक होने का दावा किया जाता है. ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं, खासकर उस जगह पर, जहां 1980 और 1990 के दशक में सांप्रदायिक हिंसा का इतिहास रहा है.”

बीजेपी तेलंगाना के अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने भी गुरुवार दोपहर को घटनास्थल का दौरा किया और तोड़फोड़ की निंदा की.

उन्होंने दोहराया कि शहर में ऐसी घटनाएं आम होती जा रही हैं और ये हरकतें हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने और हिंदुओं को भड़काने के लिए प्लान और ऑर्गनाइज़ की जा रही हैं. उन्होंने आगे कहा, “जब से कांग्रेस सत्ता में आई है, तब से ऐसी घटनाएं हो रही हैं.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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