जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़), 14 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की एक अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को बुधवार को जमानत दे दी, जिसके बाद उन्हें जिला जेल से रिहा कर दिया गया। विधायक के अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।
जैसे ही वह जांजगीर जिला जेल से बाहर आए, बड़ी संख्या में समर्थक वहां जमा हो गए और ढोल-नगाड़ों, संगीत और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया।
साहू के अधिवक्ता राजेश पांडे ने बताया कि 12 जनवरी को सत्र अदालत में जमानत याचिका दायर की गई थी। मंगलवार को सुनवाई के बाद जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-दो गणेश राम पटेल ने आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे बुधवार को सुनाया गया।
अदालत ने साहू को 50-50 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी।
जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक साहू को नौ जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।
पांडे ने बताया कि अदालत की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद साहू को जिला जेल से रिहा कर दिया गया।
जेल से बाहर निकलते समय साहू एक हाथ में डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर और दूसरे हाथ में संविधान की प्रति पकड़े हुए दिखे। इसके बाद उन्होंने आंबेडकर की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर संवैधानिक मूल्यों में आस्था व्यक्त की।
संवाददाताओं से बातचीत में विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें एक “झूठे और सुनियोजित” मामले में फंसाया गया है और सरकारी दबाव में उनके खिलाफ साजिश रची गई।
उन्होंने कहा कि जमानत मिलना ‘‘सच्चाई की जीत’’ है और जांच में उनके खिलाफ जालसाजी या अनियमितता का कोई सबूत नहीं मिला।
साहू ने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराने तथा उन्हें फंसाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि एक किसान की पर्ची और पासबुक का इस्तेमाल कर सहकारी बैंक से कथित तौर पर लिए गए ऋण को लेकर पिछले कई वर्षों से उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
उन्होंने कहा, “मुझे न्यायपालिका और संविधान पर पूरा भरोसा है। मैं जनसेवा और अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए काम करता रहूंगा।”
पुलिस के अनुसार, पिछले वर्ष अक्टूबर में सारागांव थाना क्षेत्र के निवासी राजकुमार शर्मा (46) की शिकायत पर साहू और एक अन्य व्यक्ति गौतम राठौर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2015 से 2020 के बीच बालेश्वर साहू जिला सहकारी समिति बम्हनीडीह में प्रबंधक पद पर कार्यरत थे, जबकि गौतम राठौर समिति में सेल्समैन था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोप है कि साहू और राठौर ने शर्मा को उसकी 50 एकड़ जमीन के आधार पर केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण लेने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने चांपा शहर के एचडीएफसी बैंक में शर्मा का खाता खुलवाया और वहां से खाली चेक लेकर 24 लाख रुपये की राशि अपने तथा अपनी पत्नी के खातों में अंतरित कर दी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने शर्मा, उनकी मां और पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल कर कुल 42.78 लाख रुपये की निकासी की।
अधिकारियों ने बताया कि शिकायत की जांच के बाद साहू और राठौर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
भाषा सं संजीव खारी
खारी
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