(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) सरकार को निर्देश दिया कि वह निजी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक संघों (पीटीए) का गठन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई करे।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने गैर सरकारी संगठन ‘जस्टिस फॉर ऑल’ द्वारा दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी कर दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया।
पीठ ने दिल्ली सरकार से यह बताने को कहा कि उसने प्रत्येक स्कूल में उक्त संगठनात्मक ढांचा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि दिल्ली में गैर-सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों में दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और संबंधित नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार पीटीए गठित करने में व्यापक विफलता हुई है।
पीठ ने कहा, ‘‘नोटिस जारी करें। चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल किया जाए।’’
आदेश में कहा गया, ‘‘प्रतिवादी शिक्षा निदेशालय (डीओई) द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों को रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करे कि प्रत्येक विद्यालय में विधिवत गठित पीटीए हो। हम यह भी निर्देश देते हैं कि इस बीच, सभी विद्यालयों में ऐसे संघों के गठन और कार्य-संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की जाए।’’
एनजीओ ने अपनी याचिका में कहा कि पीटीए एक वैधानिक निकाय है जिसका उद्देश्य अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और स्कूल के शासन और जवाबदेही ढांचे के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में कार्य करना है।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश
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