(सुधीर उपाध्याय)
नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) भारत की स्टार महिला एकल खिलाड़ी पीवी सिंधू ने इंडिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट के पहले दौर में बुधवार को तीन गेम में शिकस्त के बाद कहा कि यह उनका दिन नहीं था और इस स्तर पर आसान अंकों या आसान जीत की उम्मीद नहीं की जा सकती।
दुनिया की 12वें नंबर की खिलाड़ी और 2017 की चैंपियन सिंधू को एक घंटा और आठ मिनट चले पहले दौर के मुकाबले में दुनिया की 23वें नंबर की वियतनाम की खिलाड़ी थुई लिन एनगुएन के खिलाफ 22-20, 12-21, 15-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
पिछले हफ्ते मलेशिया ओपन सुपर 1000 के सेमीफाइनल में पहुंची सिंधू ने मैच के बाद कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह मेरा दिन था। उसके (एनगुएन के) खिलाफ खेलना आसान नहीं होता। उसके पास अच्छे शॉट हैं और आपको लय बरकरार रखनी होती है। अहम लम्हों में छोटी-छोटी गलतियां निर्णायक होती हैं और मैंने महत्वपूर्ण समय में गलतियां की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे निश्चित रूप से अपने खेल में अधिक निरंतरता दिखाने की जरूरत है। मुझे विरोधी खिलाड़ी को आसान या लगातार अंक देने से बचना होगा। मुझे प्रत्येक अंक और रैली के बाद तुरंत अगले अंक के लिए तैयार रहना होगा। इसमें कोई कोताही नहीं बरती जा सकती।’’
सिंधू ने कहा कि हार-जीत लगी रहती है और अब अगले टूर्नामेंट की तैयारी करने का समय है।
उन्होंने कहा, ‘‘पहला गेम जीतने के बाद मैंने दूसरा गेम गंवा दिया। तीसरे गेम में स्कोर 11-10 था (एनगुएन के पक्ष में) लेकिन इसके बाद उसने दो या तीन अंक की बढ़त बनाई और फिर अंतर को बढ़ाती चली गई।’’
सिंधू ने कहा, ‘‘उसके पास गंवाने के लिए कुछ नहीं था इसलिए वह और खतरनाक हो गई। हार और जीत लगी रहती है और अब मुझे अगले टूर्नामेंट की तैयारी करनी होगी।’’
सिंधू को एनगुएन के खिलाफ लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने कहा कि पिछले मुकाबलों के नतीजे मायने नहीं रखते।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हर कोर्ट अलग होता है। मैं तो यह कहूंगी कि हर शटल अलग होती है। कभी-कभी वे ड्रिफ्ट करती हैं तो कभी कोर्ट धीमा तो कभी तेज होता है। मैं शिकायत नहीं कर रही क्योंकि यह दोनों खिलाड़ियों के लिए एक जैसा है।’’
इस साल एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप भी होनी है लेकिन सिंधू ने कहा कि वह व्यस्त कार्यक्रम के बीच एक बार में एक टूर्नामेंट पर ध्यान लगा रही हैं।
सिंधू ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से एक बार में एक टूर्नामेंट पर ध्यान दे रही हूं। कार्यक्रम काफी कड़ा है। लगातार टूर्नामेंट होने हैं। साथ ही एशियाई खेल भी आ रहे हैं और भारत में विश्व चैंपियनशिप भी है। अब मेरे लिए अगला टूर्नामेंट इंडोनेशिया में होगा। उम्मीद है कि मैं उसमें अच्छा करूंगी।’’
एनगुएन ने कहा कि सिंधू के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं था और उन्होंने सिर्फ मुकाबला खत्म होने तक प्रयास करना जारी रखा।
वियतनाम की खिलाड़ी ने कहा, ‘‘आज मैंने अच्छा किया। मैं हार या जीत के बारे में नहीं बोल रही लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में मैंने अंत तक प्रयास किया जो महत्वपूर्ण है।’’
एचएस प्रणय ने पुरुष एकल के पहले दौर में हांगकांग के ली चेयुक यिउ को 22-20, 21-18 से हराने के बाद कहा कि प्रत्येक मैच जीतकर अच्छा लगता है, विशेषकर अगर यह सुपर 750 स्तर का टूर्नामेंट हो।
पिछले सत्र में किसी भी टूर्नामेंट में प्री क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़ने में नाकाम रहे प्रणय ने कहा, ‘‘मैच जीतकर हमेशा अच्छा लगता है विशेषकर सुपर 750 स्तर के टूर्नामेंट में। खेलने का एक और मौका मिलना ही मेरे लिए बहुत बड़ी बात है और मुझे लगता है कि आज भी जब मैं कोर्ट पर उतरा तो खुद से कह रहा था कि अगर सब कुछ उसके पक्ष में भी जाता है तो भी मुझे इसकी अधिक चिंता नहीं करनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं जो कर रहा हूं उसका लुत्फ उठाना चाहिए और शायद इससे बहुत मदद मिली। मुझे लगता है कि इंडिया ओपन से पहले पिछले कुछ हफ्ते तैयारी के लिहाज से अच्छे थे।’’
अगले दौर में आठवें वरीय सिंगापुर के लोह कीन येव से भिड़ने वाले प्रणय ने कहा, ‘‘सच कहूं तो काश मेरे पास तैयारी के लिए एक और हफ्ता होता लेकिन मुझे लगता है कि मैं शारीरिक रूप से ठीक-ठाक स्थिति में हूं और कल के मैच का इंतजार है।’’
भाषा सुधीर मोना
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