उत्तरकाशी: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार अंकिता भंडारी हत्या मामले में परिवार के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए हमेशा खड़ी रहेगी.
मुख्यमंत्री ने हाल ही में सामने आए ऑडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए, जिसमें बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम का नाम इस मामले से जोड़ा गया था, कहा कि उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी.
उत्तरकाशी में जनसभा को संबोधित करते हुए CM धामी ने कहा, “मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार ने इस मामले में तुरंत और निर्णायक कार्रवाई की, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिले. हाल ही में भ्रामक ऑडियो सामने आने के बाद, मैं स्वयं अंकिता के माता-पिता से मिला और उनकी मांग पर मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की.”
उन्होंने कहा, “सरकार और मैं शुरू से ही अंकिता के परिवार के साथ खड़े हैं और भावनाओं तथा प्रतिबद्धता के साथ हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे. हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, सम्मान और पहचान की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है.”
7 जनवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई प्रतिवादियों को अंकिता भंडारी हत्या मामले में दुष्यंत कुमार गौतम को जोड़ने वाली सामग्री सोशल मीडिया पर प्रकाशित या प्रसारित करने से रोका था.
इसके अलावा, 9 जनवरी को देहरादून में इस मामले में एक नई FIR दर्ज की गई, जिसमें अज्ञात “VIPs” की कथित भागीदारी और सबूतों में छेड़छाड़ के संभावित मामलों पर ध्यान केंद्रित किया गया. पद्म भूषण एवं पद्म श्री से सम्मानित अनिल प्रकाश जोशी ने सोशल मीडिया चर्चाओं और ऑडियो-वीडियो क्लिप के आधार पर शिकायत दर्ज कराई थी.
उत्तराखंड सरकार ने माता-पिता की भावनाओं और उनकी मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है. CM धामी ने माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने में राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग और प्रतिबद्धता का आश्वासन भी दिया.
