गोरखपुर: मकर संक्रांति का मुख्य पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा, लेकिन इससे एक दिन पहले बुधवार को ही गोरखनाथ मंदिर में आस्था का अभूतपूर्व नज़ारा देखने को मिला. शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी चढ़ाने के लिए बुधवार भोर से ही मंदिर परिसर से लेकर बाहर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं. लाखों श्रद्धालुओं ने मुख्य पर्व से एक दिन पूर्व ही बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की.
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में मकर संक्रांति के पुण्य काल में महायोगी गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी का भोग अर्पित करेंगे.
बाबा गोरखनाथ के दरबार में खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंगलवार रात से ही श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में डेरा डालना शुरू कर दिया था. बुधवार भोर में जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया. भारी भीड़ के बीच पूरा मंदिर परिसर ‘जय गुरु गोरखनाथ’ के जयकारों से गूंज उठा.
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य बिहार और मित्र राष्ट्र नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर गुरु गोरखनाथ को श्रद्धा की खिचड़ी निवेदित की. इसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया और ब्रह्मलीन महंत बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधियों पर शीश नवाकर आशीर्वाद लिया.
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुव्यवस्थित करने के लिए मंदिर परिसर में अलग-अलग गेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी. श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया. गोरखनाथ मंदिर में प्रवास कर रहे गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर स्वयं व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे. मंगलवार रात मंदिर परिसर का निरीक्षण करने के बाद बुधवार सुबह भी उन्होंने परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह मंदिर की गोशाला पहुंचकर गोसेवा की. उन्होंने गोवंश को अपने हाथों से गुड़ खिलाया और गोशाला कर्मियों को गोवंश की समुचित देखभाल के लिए आवश्यक निर्देश दिए. इसी दौरान मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के साथ आए बच्चों को दुलारते हुए आशीर्वाद दिया और चॉकलेट भी भेंट की.
