प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रयागराज पहुंचकर चल रहे माघ मेला को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से माघ मेला सर्विस ऐप का भी शुभारंभ किया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को माघ मेला की तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रयागराज पहुंचे. उनके दौरे के दौरान आध्यात्मिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं. मुख्यमंत्री ने पावन त्रिवेणी संगम में स्नान किया और लेटे हनुमान जी मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर में गौसेवा करते हुए गायों को चारा भी खिलाया.
इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया. इस अवसर पर उन्होंने समाज में एकता और समरसता का संदेश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, “करीब 700 वर्ष पहले जगद्गुरु रामानंदाचार्य भगवान ने सभी समुदायों को एकजुट होने का आह्वान किया था. उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति को ईश्वर की शरण में जाने का अधिकार है. उन्होंने समाज को एकजुट करने के लिए विभिन्न जातियों के शिष्यों को अपनाया.”
प्रयागराज का माघ मेला पावन त्रिवेणी संगम पर आयोजित होता है, जहां गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों का संगम होता है. यह भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है. माघ मेला का नाम हिंदू पंचांग के माघ माह के नाम पर पड़ा है, जो आमतौर पर जनवरी-फरवरी में आता है.
प्रयागराज माघ मेला कुल 45 दिनों तक चलता है. इसकी शुरुआत पौष पूर्णिमा के दिन स्नान से होती है और समापन महाशिवरात्रि पर होता है. इस दौरान कुल छह प्रमुख स्नान पर्व होते हैं. इनमें पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति (माघ मास की शुरुआत), षटतिला एकादशी, मौनी अमावस्या (जब श्रद्धालु मौन व्रत रखते हैं), बसंत पंचमी, अचला सप्तमी, जया एकादशी और माघ पूर्णिमा शामिल हैं.
हर छठे वर्ष प्रयागराज का यह वार्षिक माघ मेला कुंभ मेला का रूप ले लेता है, जबकि हर बारहवें वर्ष महाकुंभ मेला का आयोजन होता है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं.
