बहराइच (उप्र) नौ जनवरी (भाषा) बहराइच जिले की एक अदालत ने एक तांत्रिक के कहने पर अपने 10 वर्षीय चचेरे भाई की हत्या के आरोपी को दोषी करार देते हुए शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई और उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
फ़ौजदारी के अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) सुनील कुमार जायसवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) सुनील प्रसाद की अदालत ने आरोपी अनूप वर्मा को दोषी करार देते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई और उस पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।
उन्होंने बताया कि नानपारा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम परसा अगैया निवासी अनूप वर्मा का ढाई वर्षीय पुत्र सत्यम मानसिक तौर पर बीमार रहता था और काफी इलाज के बावजूद उसके ठीक ना होने पर अनूप एक तांत्रिक के बहकावे में आ गया तथा तांत्रिक ने उससे उसके परिवार के किसी अन्य बच्चे की बलि देने को कहा।
जायसवाल ने बताया कि 23 मार्च 2023 को घर के सभी लोग जब एक मुंडन समारोह में गये हुए थे और अनूप एवं उसके सगे भाई का दस वर्षीय पुत्र विवेक वर्मा घर पर थे।
उन्होंने बताया कि विवेक को टाफी दिलाने के बहाने अनूप खेत में ले गया और फावड़े से गला काटकर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि जब शव बरामद हुआ तो बच्चे के शरीर पर नौ घाव थे।
जायसवाल ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की तो अनूप वर्मा, एक अन्य व्यक्ति चिंताराम तथा तांत्रिक जंगली का नाम सामने आया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने पूछताछ की तो अनूप ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया लोहे का फावड़ा भी बरामद कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया लेकिन साक्ष्यों के अभाव में दो अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में दोषसिद्ध नहीं हो सका।
भाषा सं आनन्द सिम्मी
सिम्मी
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