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Sunday, 11 January, 2026
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मेरठ में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण को लेकर गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

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मेरठ (उप्र), नौ जनवरी (भाषा) मेरठ जिले में सरधना क्षेत्र के कपसाड गांव में एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के बाद शुक्रवार को वहां तनाव फैल गया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती से पूरा गांव एक तरह से छावनी में तब्दील हो गया।

इस बीच मृत महिला का आखिरकार कई घंटो की जद्दोजहद के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया। इसके पहले उसके परिवार ने शाम तक उसके शव का अंतिम संस्कार नहीं किया था और वे आरोपियों की गिरफ्तारी, लापता बेटी की सुरक्षित बरामदगी और संदिग्धों द्वारा कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

जिलाधिकारी डा.वी के सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में अंत्येष्टि की पुष्टि करते कहा कि परिवार को 10 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री की तरफ से दिया गया है तथा हथियार लाइसेंस के लिए भी विचार करने को कहा गया है।

सिंह का कहना था कि बाकी आरोपी की गिरफ्तारी का भरोसा दिया गया है। इसके अलावा पीड़ित परिवार को तात्कालिक सुरक्षा मुहैय्या कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में पूरी तरह शांति है

इसके पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विपिन टाडा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे तथा परिवार और ग्रामीणों के साथ कई घंटों तक बातचीत की।

टाडा ने बताया कि परिवार की शिकायत के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा, “आरोपियों को पकड़ने और लड़की की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए जिलों भर में दस से अधिक पुलिस टीम काम कर रही हैं। दोनों पक्ष एक ही गांव के हैं। हम सभी संभावनाओं पर तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं।”

अपहृत युवती की घायल मां ने बृहस्पतिवार को अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।

मेरठ जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को गहन जांच और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने लड़की की सुरक्षित बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण पुलिस के साथ मामूली झड़प हुई।

पूर्व मंत्री संजीव बालियान, विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मुकेश सिद्धार्थ ने शुक्रवार को गांव का दौरा किया तथा परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह सुनीता जाटव और उनकी 20 वर्षीय बेटी को खेतों के पास आरोपी पारस ने रोका तथा कथित तौर पर सुनीता पर गन्ने काटने वाली धारदार हथियार से हमला करने के बाद बेटी का अपहरण कर लिया। ग्रामीणों ने परिवार को सूचना दी और घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मृत्यु हो गई।

इस बीच सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने “एक्स” पर पोस्ट किया, “मेरठ में मां पर क़ातिलाना हमला और बेटी को उठाकर ले जाने का मामला बेहद गंभीर है।”

यादव ने कहा, “भाजपा सरकार अपराधियों को संरक्षण देते-देते आज जिस स्तर पर पहुंच गयी है, वहां से वापस नहीं लौट सकती क्योंकि अपराधी उनके राज़ खोल देंगे।”

उन्होंने कहा, “सरकार से कोई उम्मीद ही न बचे, इससे बुरा और कुछ नहीं हो सकता। भाजपा पूरी तरह नाकाम सरकार है।”

भाषा सं आनन्द

राजकुमार

राजकुमार

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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