नई दिल्ली: सीमा सुरक्षा बल (BSF) जल्द ही जम्मू, कश्मीर और राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) पर ‘ऑपरेशन सर्द हवा’ शुरू करेगा. यह अभियान सर्दियों के मौसम में घने कोहरे के कारण घटती दृश्यता का फायदा उठाकर होने वाली घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के लिए चलाया जाएगा.
BSF अधिकारियों ने ANI को बताया कि यह ऑपरेशन अगले महीने उचित समय पर शुरू किया जाएगा और जनवरी के अंत तक जारी रहेगा. गणतंत्र दिवस से पहले इस संवेदनशील अवधि में सीमा सुरक्षा को मजबूत करना इसका मुख्य उद्देश्य है.
जम्मू में तैनात एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ‘ऑपरेशन सर्द हवा’ का प्रमुख लक्ष्य घुसपैठ की कोशिशों को रोकना है, क्योंकि सर्दियों में घना कोहरा और धुंध ऐसे प्रयासों के लिए अनुकूल हालात पैदा करते हैं.
अधिकारी ने कहा, “ऑपरेशन सर्द हवा के दौरान भारत-पाकिस्तान सीमा पर निगरानी और गश्त बढ़ा दी जाती है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं.”
कश्मीर फ्रंटियर के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि LoC पर निगरानी को और मजबूत करने के लिए BSF के पास मौजूद रडार आधारित और सेंसर आधारित उपकरणों के साथ-साथ आधुनिक गैजेट्स और एडवांस सर्विलांस उपकरणों की संख्या बढ़ाई गई है. उन्होंने कहा कि हालात की गंभीरता को देखते हुए ड्रोन के जरिए निगरानी भी काफी बढ़ाई गई है.
उन्होंने बताया, “इस ऑपरेशन के दौरान विशेष ड्रोन कमांडो, ड्रोन वॉरियर्स और BSF की ‘दुर्गा वाहिनी’ इकाइयों को भी तैनात किया जाएगा, ताकि सीमा पार से घुसपैठ की खुफिया सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए हवाई निगरानी को और मजबूत किया जा सके.”
राजस्थान फ्रंटियर के एक अधिकारी ने भी बताया कि कमांडरों को निर्बाध संचार सुनिश्चित करने, नियमित अभ्यास करने और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए मजबूत वैकल्पिक योजनाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं.
‘ऑपरेशन सर्द हवा’ BSF का हर साल सर्दियों में चलाया जाने वाला सुरक्षा अभियान है, जो जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर किया जाता है. इसमें कश्मीर सेक्टर के कठिन इलाके, जम्मू के अहम सुरक्षा पोस्ट और थार रेगिस्तान के क्षेत्र शामिल होते हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) के संवेदनशील हिस्से भी आते हैं.
इस अभियान का उद्देश्य घने कोहरे के दौरान घुसपैठ, तस्करी और अवैध सीमा पार गतिविधियों का पता लगाना है. इसके लिए निगरानी बढ़ाई जाती है, अतिरिक्त जवान तैनात किए जाते हैं और थर्मल इमेजिंग सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. यह ऑपरेशन आमतौर पर जनवरी में, गणतंत्र दिवस के आसपास चलाया जाता है और गर्मियों में चलने वाले ‘ऑपरेशन गरम हवा’ के समानांतर होता है.
इस दौरान सीमा पर अत्याधुनिक हथियार, उन्नत निगरानी उपकरण और वाहनों व ऊंटों के जरिए कठिन इलाकों में गश्त बढ़ाई जाती है. मुख्यालय के अधिकारियों सहित जवानों को सीमा की बाड़ के पास तैनात किया जाता है, ताकि चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा सके.
BSF की खुफिया शाखा अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखती है. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, जवानों की मौजूदगी बढ़ाना, निगरानी क्षमता को बेहतर करना और सीमा पर दिन-रात पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखना है.
