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Friday, 6 February, 2026
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हिमाचल प्रदेश में एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी

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शिमला, 27 दिसंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश में श्रम और न्यूनतम मजदूरी कानून लागू करने की मांग को लेकर एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे राज्य भर में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

राज्य में 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के सदस्य ‘सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस’ (सीआईटीयू) के बैनर तले 48 घंटे से हड़ताल पर हैं।

शिमला में एंबुलेंस कर्मचारियों ने श्रम और न्यूनतम मजदूरी कानूनों को लागू करने तथा कर्मचारियों का उत्पीड़न रोकने की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

सीआईटीयू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत एंबुलेंस सेवाएं संचालित करने वाले मेडस्वान फाउंडेशन के अंतर्गत काम करने वाले सैकड़ों कर्मी और आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन पिछले कई वर्षों से गंभीर शोषण का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने शिमला में संवाददाताओं से कहा, “इन कर्मचारियों को बिना किसी ओवरटाइम के 12 घंटे की पाली में काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, श्रम अदालत, शिमला स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत और श्रम विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद यह शोषण कई वर्षों से जारी है।”

मेहरा ने आरोप लगाया कि शोषण के खिलाफ आवाज उठाने वाले कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।

उन्होंने कहा, “संघ नेताओं का या तो तबादला कर दिया जाता है या उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जाता है, जबकि कई कर्मचारियों को बिना किसी वैध कारण के महीनों तक काम से दूर रखा जाता है। ईपीएफ और ईएसआई के कार्यान्वयन में गंभीर अनियमितताएं हैं। दोनों ही राशियां कर्मचारियों के वेतन से काटी जा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रति कर्मचारी लगभग 2,000 रुपये प्रति माह का नुकसान हो रहा है। मूल वेतन भी बेहद कम है, जो श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन है।”

हड़ताल कर रहे एंबुलेंस कर्मचारी उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं। उन्होंने मांगें पूरी न होने पर आने वाले दिनों में और भी बड़ी हड़ताल की चेतावनी दी।

भाषा पारुल आशीष

आशीष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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