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Sunday, 18 January, 2026
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हिमाचल प्रदेश: जिन कंपनी की दवा के नमूने फेल हुए, उन्हें बाजार से दवाएं वापस मंगाने को कहा गया

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शिमला, 20 दिसंबर (भाषा) जिन कंपनियों की दवाओं के नमूने गुणवत्ता जांच में फेल हो गए हैं, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं और उन्हें बाजार से अपनी दवाएं वापस मंगाने का निर्देश दिया गया है। यह बात हिमाचल प्रदेश के राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर ने कही।

अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि देशभर में 200 दवा के नमूनों की जांच की गई और उनमें से 47 राज्य में बनी थीं। इनमें बुखार, दिल का दौरा और डायबिटीज की दवाएं शामिल हैं। फेल हुए नमूने अलग-अलग जिलों के थे: 28 सोलन से, 18 सिरमौर से और एक ऊना से। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।

केन्द्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने नवंबर 2025 में 65 नमूने इकट्ठा किए, जबकि राज्य औषधि नियंत्रक ने 135 नमूने इकट्ठा किए। इनमें से 47 नमूने घटिया गुणवत्ता के पाए गए।

कपूर ने कहा, ‘‘जिन कंपनियों की दवाओं के नमूने गुणवत्ता जांच में फेल हो गए हैं, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें बाजार से भंडार वापस मंगाने के लिए भी कहा गया है।’’

उन्होंने सोलन में मीडियाकर्मियों को बताया कि स्पष्टीकरण मांगे गए हैं और नियमों के अनुसार कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जिन दवाओं के नमूने गुणवत्ता जांच में फेल हुए हैं, उनमें बुखार के लिए पैरासिटामोल, दिल के दौरे के लिए क्लोपिडोग्रेल और एस्पिरिन, ब्लड शुगर कम करने के लिए मेटफॉर्मिन, दिल की बीमारियों के लिए रामिप्रिल, मिर्गी के लिए सोडियम वैल्प्रोएट, और मांसपेशियों में ऐंठन कम करने के लिए मेबेवेरिन हाइड्रोक्लोराइड शामिल हैं। साथ ही कई अन्य दवाएं भी हैं जिन्हें घटिया गुणवत्ता का माना गया है।

राज्य में बनी दवाओं के नमूने लगातार गुणवत्ता परीक्षण में फेल हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने पहले घोषणा की थी कि दवाओं की गुणवत्ता जांच में बार-बार ‘फेल’ रहने वाली कंपनियों को काली सूची में डाला जाएगा और सरकार इस संबंध में कार्रवाई कर रही है।

इसके अलावा, मार्च 2025 में केंद्रीय दवा नियामक द्वारा जारी एक मासिक अलर्ट में बताया गया है कि राज्य की विभिन्न फार्मास्युटिकल कंपनियों द्वारा बनाई गई 38 दवा के नमूने गुणवत्ता मानक पर खरे नहीं उतरे।

भाषा

अमित पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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