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Saturday, 17 January, 2026
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बिजली कर्मचारी 23 दिसंबर को परमाणु ऊर्जा विधेयक के खिलाफ करेंगे विरोध प्रदर्शन

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नयी दिल्ली, 18 दिसंबर (भाषा) बिजली इंजीनियरों के संगठन ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह 23 दिसंबर को केंद्रीय श्रमिक संगठनों और किसानों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के सदस्यों के साथ मिलकर परमाणु ऊर्जा विधेयक के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगा।

एआईपीईएफ के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने बताया कि भारत के रुपांतरण के लिए परमाणु ऊर्जा का सतत उपयोग और अभिवर्द्धन (शांति) विधेयक भारत के नागरिक परमाणु क्षेत्र को निजी और विदेशी भागीदारी के लिए खोलता है, जिससे परमाणु सुरक्षा और जवाबदेही की संरचना कमजोर होगी।

उन्होंने कहा कि यह कदम परमाणु संचालन के निजीकरण की दिशा में निर्णायक बदलाव है, जबकि जोखिमों का बोझ जनता और सरकार पर डाला जाएगा।

दुबे ने सभी इकाइयों से अपील की कि वे 23 दिसंबर को अपने कार्यस्थलों और गांवों में विरोध प्रदर्शन में भाग लें।

उन्होंने कहा कि विद्युत निजीकरण और ड्राफ्ट विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 के खिलाफ भी जनवरी और फरवरी 2026 में देशभर में बड़े सम्मेलनों और रैलियों का आयोजन किया जाएगा।

दुबे ने कहा, ‘हमारे सदस्य एसकेएम और केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच के साथ शांति विधेयक को तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं।’

संसद ने बृहस्पतिवार को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी की अनुमति देने के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दे दी।

भाषा

राजेश रमण योगेश

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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