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Thursday, 15 January, 2026
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भारतीय सेना के लिए रूसी सैन्य उपकरण, अतिरिक्त पुर्जे का निर्माण भारत में किया जाएगा

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नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) रूस ने भारत को बेचे गए अपने हथियारों एवं रक्षा उपकरणों के रखरखाव के लिए सैन्य उपकरणों एवं अतिरिक्त पुर्जों का निर्माण भारत में ही करने को लेकर शुक्रवार को सहमति जताई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शिखर वार्ता के दौरान समग्र द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर प्रमुखता से चर्चा हुई।

सशस्त्र बलों की यह लंबे समय से शिकायत रही है कि रूस से महत्वपूर्ण पुर्जों और उपकरणों की आपूर्ति में काफी समय लगता है, जिससे देश से खरीदी गई सैन्य प्रणालियों का रखरखाव प्रभावित होता है।

एक संयुक्त वक्तव्य में कहा गया, ‘‘दोनों पक्ष प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से ‘मेक-इन-इंडिया’ कार्यक्रम के तहत रूसी हथियारों और रक्षा उपकरणों के रखरखाव के लिए पुर्जों, घटकों और अन्य उत्पादों के भारत में संयुक्त विनिर्माण को प्रोत्साहित करने पर सहमत हुए।’’

संयुक्त वक्तव्य के अनुसार, दोनों पक्ष भारतीय सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संयुक्त उद्यम स्थापित करने तथा पारस्परिक रूप से मित्रवत तीसरे देशों को निर्यात करने पर भी सहमत हुए।

संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि भारत-रूस रक्षा साझेदारी को उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी और प्रणालियों के संयुक्त सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए पुनः शुरू किया जा रहा है।

बृहस्पतिवार को हुई बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके रूसी समकक्ष आंद्रे बेलौसोव ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया।

बैठक में भारतीय पक्ष ने अपनी युद्धक क्षमता को बढ़ाने के लिए रूस से एस-400 मिसाइल प्रणालियों की अतिरिक्त खेपों की खरीद में गहरी रुचि दिखाई।

भाषा सुरभि रंजन

रंजन

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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