भुवनेश्वर, तीन दिसंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार को आरोप लगाया कि बांग्ला भाषी चार भारतीय नागरिकों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित ओडिशा के नयागढ़ जिले से ‘बाहर निकाल दिया गया।’
ओडिशा पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया और कहा कि उसने बांग्लादेशी घुसपैठियों के संदेह में लोगों को नयागढ़ जिला छोड़ने के लिए कोई समयसीमा नहीं निर्धारित की है और न ही किसी व्यक्ति को जाने के लिए कहा है।
नयागढ़ की पुलिस अधीक्षक (एसपी) एस सुश्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अगर कुछ लोग नयागढ़ छोड़कर गए हैं, तो उन्होंने ऐसा अपनी मर्जी से किया है।
मोइत्रा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘ध्यान दें ओडिशा के पुलिस महानिदेशक और नयागढ़ पुलिस अधीक्षक- आपने बांग्ला भाषी चार भारतीय नागरिकों को नयागढ़ जिले से अवैध रूप से बाहर निकाल दिया है, सिर्फ इसलिए कि वे बंगाली थे।’
उन्होंने संवैधानिक मानदंडों के कथित अवैध उल्लंघन पर अदालत का रुख करने की भी धमकी दी।
उन्होंने कहा, ‘बंगाल में लाखों ओडिया लोग रसोइए, माली, प्लंबर और अन्य काम कर रहे हैं जिनके साथ हम प्यार और सम्मान से पेश आते हैं। आपको अपने कृत्यों की कीमत चुकानी पड़ेगी। सावधान रहें।’
सांसद ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि नयागढ़ के ओडागांव थाने ने चार बंगाली प्रवासियों, जो वास्तविक भारतीय नागरिक हैं, को जिला छोड़ने का निर्देश दिया।
तृणमूल नेता ने दावा किया कि उनके मकान मालिक पर उन्हें निकालने के लिए दबाव डाला गया और गिरफ्तारी की धमकी दी गई, हालांकि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के एसपी ने उनकी पहचान सत्यापित की थी।
आरोपों का जवाब देते हुए, नयागढ़ एसपी ने कहा कि पुलिस बल जिले में कुछ व्यक्तियों की पहचान का सत्यापन कर रहा था।
एसपी ने कहा, ‘किसी को कोई समय सीमा नहीं दी गई है। संदिग्ध व्यक्तियों का नियमित सत्यापन और पहचान चल रही है… जाने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं डाला गया या समय सीमा नहीं दी गई है।’
पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि वे सत्यापन जारी रहने के दौरान नयागढ़ छोड़कर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि उनके समूह के कुछ अन्य सदस्य रुके हुए हैं और सहयोग कर रहे हैं।
सुश्री ने कहा कि पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर सत्यापन जारी है।
इस बीच, बुधवार को ओडिशा विधानसभा में शून्यकाल के दौरान, भाजपा विधायक सनातन बिजुली ने मांग की कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकाला जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग चोरी, लूट और ‘लव जिहाद’ सहित विभिन्न असामाजिक गतिविधियों में शामिल हैं।
भाषा नोमान अविनाश
अविनाश
अविनाश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
