धर्मशाला/शिमला (हिप्र), दो दिसंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि राज्य परिवहन निगम को हर साल 840 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है और इसके मद्देनजर सरकार हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) का पुनर्गठन करने और घाटे वाले 435 मार्ग पर बस का परिचालन बंद करने पर काम कर रही है।
विधायक संजय अवस्थी द्वारा पूछे गए प्रश्न पर हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी के बढ़ते घाटे को देखते हुए कुछ मार्ग बंद किए जा रहे हैं और बस सेवाओं को विनियमित करने के लिए उन्हें निजी क्षेत्र को सौंपने की योजना पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, एचआरटीसी को हर महीने 70 करोड़ रुपये यानी सालाना 840 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। घाटा अब 2,200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है और राज्य सरकार परिवहन निगम को प्रतिवर्ष 780 करोड़ रुपये का अनुदान दे रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार निजी बसों के लिए पास नीति पर कार्य कर रही है। साथ ही छात्र पास भी जारी किए जा रहे हैं, जिससे किसी भी मार्ग पर छात्रों की सही संख्या का आकलन आसान होगा और उसी के अनुरूप एचआरटीसी की बस सेवाओं की समीक्षा की जाएगी।
इससे पहले, मूल प्रश्न के उत्तर में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि कंधर-बागा बस सेवा फिलहाल केवल चंडीगढ़ तक सीमित रहेगी और इसे दिल्ली तक बहाल नहीं किया जाएगा, क्योंकि चंडीगढ़ से आगे यह सेवा घाटे में है और इस मार्ग पर अन्य बसें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि एचआरटीसी पर मौजूदा देनदारी 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की है।
भाषा खारी संतोष
संतोष
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
