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Saturday, 3 January, 2026
होमदेशसरकार ने वायरलेस निगरानी संगठन को हवाईअड्डे पर ‘स्पूफिंग’ के स्रोत का पता लगाने का निर्देश दिया

सरकार ने वायरलेस निगरानी संगठन को हवाईअड्डे पर ‘स्पूफिंग’ के स्रोत का पता लगाने का निर्देश दिया

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नयी दिल्ली, एक दिसंबर (भाषा) सरकार ने सोमवार को कहा कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अमृतसर, हैदराबाद, बैंगलोर और चेन्नई हवाई अड्डों पर ‘जीपीएस स्पूफिंग’ होने की खबर है, और वायरलेस निगरानी संगठन (डब्ल्यूएमओ) को ‘स्पूफिंग’ के स्रोत का पता लगाने का निर्देश दिया गया है।

नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने राज्यसभा को बताया, ‘‘कुछ उड़ानों ने नयी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आस-पास जीपीएस स्पूफ़िंग की सूचना दी, जब वे रनवे 10 पर पहुँच रहे थे, और जीपीएस आधारित विमान उतारने की प्रक्रिया का इस्तेमाल कर रहे थे।’’

राममोहन नायडू ने कहा, ‘‘दूसरे रनवे पर, जहां पारंपरिक नौवहन प्रणाली चालू थी, उड़ानों के परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।’’

राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है।

जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) ‘स्पूफ़िंग’ का मतलब है गलत सिग्नल देकर इस्तेमालकर्ता के नौवहन तंत्र में हेरफेर करने की कोशिशें करना।

भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकार (एएआई) ने वायरलेस निगरानी संगठन (डब्ल्यूएमओ) से भी ‘स्पूफ़िंग’ के स्रोत की पहचान करने का अनुरोध किया है।

नायडू ने एक सचाल के लिखित जवाब में राज्यसभा में कहा, ‘‘उच्च स्तरीय बैठक के दौरान, डब्ल्यूएमओ को ‘स्पूफिंग’ के स्रोत की पहचान करने के लिए और संसाधन जुटाने का निर्देश दिया गया है…।’’

डब्ल्यूएमओ, दूरसंचार विभाग के तहत आता है।

पिछले महीने, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइंस, पायलट और वायु यातायात नियंत्रक से कहा था कि वे जीपीएस ‘स्पूफिंग’ की रिपोर्ट घटना के 10 मिनट के अंदर करें।

भाषा राजेश राजेश अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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