बीजिंग, 30 नवंबर (भाषा) पात्रता आयु सीमा 35 वर्ष से अधिक किए जाने के बाद पहली राष्ट्रीय सिविल सेवा परीक्षा में रविवार को 37 लाख से अधिक चीनी नागरिक उपस्थित हुए, जिससे देश में बढ़ती बेरोजगारी के दबाव के बीच सरकारी नौकरियों की मांग में वृद्धि का संकेत मिलता है।
यह परीक्षा देश की केंद्र सरकार और उसके विभागों में पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन करती है।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, 37 लाख से ज़्यादा चीनी नागरिक इस परीक्षा में शामिल हुए, जिसका मतलब है कि औसतन लगभग 98 आवेदक एक उपलब्ध पद के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से लगभग 70 प्रतिशत रिक्तियां नए कॉलेज स्नातकों के लिए आरक्षित हैं।
चीन ने इस परीक्षा के लिए पात्रता आयु सीमा को सामान्यतः 38 वर्ष कर दिया है। पात्रता की उम्र सीमा को 35 वर्ष से बढ़ाए जाने को स्वागत योग्य कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि नये स्नातक से लेकर मास्टर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों के लिए आयु सीमा को और कम करके 43 वर्ष कर दिया गया है।
यह चीन द्वारा हाल में विदेशी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित पेशेवरों के लिए के-वीजा की घोषणा के बाद पहली परीक्षा है। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नया एच-1बी वीजा प्राप्त करने के लिए एक लाख अमेरिकी डॉलर शुल्क की घोषणा की थी।
चीन के एच-1बी वीजा के रूप में प्रचारित इस नए वीजा को चीनी सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा, जहां देश में मौजूदा उच्च बेरोजगारी दर को देखते हुए ऑनलाइन उपयोक्ताओं ने इसके समय पर सवाल उठाए।
चीन में बेरोजगारी दर लगभग 19 प्रतिशत बताई जाती है। स्थानीय नौकरियों पर दबाव पहले से ही बहुत अधिक है क्योंकि हर साल 1.2 करोड़ स्नातक नौकरी बाजार में प्रवेश कर रहे हैं।
भाषा आशीष नरेश
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