नयी दिल्ली, 25 नवंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर के उरी में नियंत्रण रेखा के पास स्थित एक जलविद्युत परियोजना की सुरक्षा के लिए तैनात 19 सीआईएसएफ कर्मियों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ‘अनुकरणीय’ साहस के प्रदर्शन और 250 नागरिकों की जान बचाने के लिए ‘डीजी डिस्क’ से सम्मानित किया गया है।
‘डीजी डिस्क’ बल के महानिदेशक द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक पदक है।
बल के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि कर्मियों ने छह-सात मई की रात को पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी के बीच प्रदर्शित किए गए साहस के लिए सम्मानित किया गया है। इन कर्मियों ने पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच घर-घर जाकर महिलाओं, बच्चों, एनएचपीसी (राष्ट्रीय जल विद्युत निगम) के कर्मचारियों और उनके परिजनों सहित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) जम्मू कश्मीर के बारामूला जिले में झेलम नदी पर स्थित उरी जलविद्युत परियोजनाओं (यूएचईपी-एक और दो) को आतंकवादियों से सुरक्षा प्रदान करता है। यह संयंत्र भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के पास स्थित है।
बयान में कहा गया है, ‘उनके त्वरित और निडर कार्यों ने लगभग 250 नागरिकों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की, जिससे किसी भी तरह जनहानि नहीं हुई। यहां तक कि जब गोले परिसर के बेहद करीब गिरे तब भी कर्मियों ने बंकरों को सुदृढ़ करना, ‘पोलनेट’ और उपग्रह प्रणालियों के माध्यम से संचार लाइन को बनाए रखना और आपातकालीन सहायता प्रदान करना जारी रखा।’
भाषा
शुभम पवनेश
पवनेश
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