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Wednesday, 1 April, 2026
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एआई कारोबार का कायाकल्प करने वाली हकीकत, कोई कयामत नहींः शिपरॉकेट सीईओ

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नयी दिल्ली, 24 नवंबर (भाषा) लॉजिस्टिक प्रौद्योगिकी कंपनी शिपरॉकेट के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) साहिल गोयल ने कृत्रिम मेधा (एआई) को कारोबार एवं उद्योगों का कायाकल्प करने वाली हकीकत बताते हुए कहा है कि एआई से जुड़ी आशंकाएं इसकी दीर्घकालिक उपयोगिता और उद्योगों पर पड़ने वाले प्रभावों को नजरअंदाज करती हैं।

गोयल ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा, “एआई शुद्ध सकारात्मक है, क्योंकि यह हमारे हाथों में ज्यादा समय वापस ला रहा है। प्रौद्योगिकी हमेशा ही ऐसा करती आई है, इसलिए इसे बुरा कहना गलत है।”

वैश्विक स्तर पर एआई में संभावित निवेश अधिकता को लेकर बहस जारी है, क्योंकि बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां चिप, डेटा सेंटर और अवसंरचना पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल और फिर अचानक गिरावट ने पश्चिमी बाजारों में आशंकाएं बढ़ाई हैं।

गोयल ने इस संदर्भ में कहा कि एआई से जुड़ा मूल्यांकन केवल बाजार की प्रतिक्रिया है, इसे प्रौद्योगिकी के मूल्य या रोजगार पर उसके प्रभाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “एआई लंबे समय में हमारे पक्ष में ही काम करेगा। यह किसी कयामत जैसा परिदृश्य नहीं है।”

उन्होंने लोगों से एआई को अपनाने, सीखने और उपयोग शुरू करने की अपील करते हुए कहा, “यह किसी भी तरह से अतिरेक नहीं है। एआई सब कुछ बदल देने वाली प्रौद्योगिकी है। आज एआई एजेंट कॉल कर सकते हैं, रेस्तरां में बुकिंग कर सकते हैं। यह इतनी सरल हो चुकी है। आने वाले समय में एआई के सहज अनुप्रयोगों से दस गुना बड़ा क्षेत्र रोबोटिक्स का होगा।”

उन्होंने 2000 के दशक में इंटरनेट को ‘सनक’ बताने वाली बहस का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी संदेह था, लेकिन आज इंटरनेट हर कारोबार और अर्थव्यवस्था का आधार है।

गोयल ने कहा, “इस बार यह मोबाइल और इंटरनेट दोनों का मिला-जुला विस्तार है।”

इसके साथ ही गोयल ने उम्मीद जताई कि शिपरॉकेट का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) उचित मूल्य पर आएगा ताकि निवेशकों को लाभ हो।

उन्होंने कहा, “मूल्यांकन बाजार-जनित प्रक्रिया है। हमारा काम राजस्व, प्रदर्शन और मार्जिन देना है। बाकी बाजार की ताकतें अपना असर दिखाती हैं।”

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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