नयी दिल्ली, 21 नवंबर (भाषा) देश के 10 मजदूर संगठनों के एक संयुक्त मंच ने शुक्रवार को लागू किए गए श्रम सुधारों की निंदा की और इस कदम को कर्मचारी विरोधी बताते हुए कहा कि यह नियोक्ताओं का समर्थन करता है।
दूसरी ओर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने इन सुधारों का स्वागत किया और इन्हें लंबे समय से प्रतीक्षित कदम बताया है।
सरकार ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसले में चार श्रम संहिताओं को तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की। इसमें गिग यानी अल्पकालिक अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज, सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य नियुक्ति पत्र और सभी क्षेत्रों में वैधानिक न्यूनतम मजदूरी तथा समय पर वेतन भुगतान जैसे प्रावधान शामिल हैं।
एक बयान में, 10 श्रमिक संघों के संयुक्त मंच ने कहा कि वे आज एकतरफा तरीके से लागू की गई मजदूर विरोधी, नियोक्ता समर्थक श्रम संहिताओं की कड़ी निंदा करते हैं।
संयुक्त मंच ने कहा, ”चार श्रम संहिताओं की यह मनमानी और अलोकतांत्रिक अधिसूचना सभी लोकतांत्रिक लोकाचारों का उल्लंघन करती है।”
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने एक अलग बयान में कहा कि ये चार श्रम संहिताएं श्रमिक बाजार की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं।
भाषा योगेश पाण्डेय
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