नयी दिल्ली, 20 नवंबर (भाषा) पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अपनी बजट पूर्व बैठक में इस क्षेत्र की दीर्घावधि वृद्धि के लिए राष्ट्रीय पर्यटन बोर्ड बनाने की मांग की। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने इस क्षेत्र को संगठित उद्योग का दर्जा देने की बात भी कही, क्योंकि इससे कंपनियों को सस्ता कर्ज पाने में मदद मिलेगी।
पर्यटन उद्योग की दूसरी मांगों में लाइसेंसिंग के लिए एकल खिड़की निपटान प्रणाली शुरू करना, होटल के लिए जरूरी लाइसेंस, मंजूरी और अनापत्ति प्रमाणपत्रों की संख्या कम करना शामिल है।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स, इंडिया फूड टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन, टूरिस्ट गाइड फेडरेशन ऑफ इंडिया, एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि संगठित उद्योग की मान्यता न मिलने और बिखरे हुए नियमन के कारण इस क्षेत्र को सीमित रूप से सस्ता कर्ज और प्रोत्साहन मिल पाता है।
भाषा पाण्डेय अजय
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