scorecardresearch
Wednesday, 1 April, 2026
होमदेशअर्थजगतअशोक लेलैंड भारी माल ढुलाई करने वाले ट्रकों की नई श्रृंखला पेश करने की कर रही है तैयारी

अशोक लेलैंड भारी माल ढुलाई करने वाले ट्रकों की नई श्रृंखला पेश करने की कर रही है तैयारी

Text Size:

नयी दिल्ली, 20 नवंबर (भाषा) हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी अशोक लेलैंड अपनी डीजल ट्रक श्रृंखला का विस्तार करने की तैयारी कर रही है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शेनू अग्रवाल ने कहा कि वाणिज्यिक वाहन बनाने वाली यह प्रमुख कंपनी अपने अनुसंधान एवं विकास संसाधनों को बेहतर बनाने का काम कर रही है, ताकि बाजार में आने में लगने वाले समय को कम किया जा सके और बदलती बाजार एवं नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तेजी ढाला जा सके।

अग्रवाल ने विश्लेषकों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘ डीजल श्रृंखला में हम जल्द ही 320 और 360 हॉर्सपावर की पावर रेटिंग वाले ‘हेवी-ड्यूटी ट्रक’ (भारी माल ढुलाई करने वाले) की एक पूरी तरह से नई श्रृंखला पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। ये नए ट्रक उन्नत ‘हेवी-ड्यूटी एग्रीगेट्स’ से बने हैं जो बेजोड़ विश्वसनीयता प्रदान करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में छह सिलेंडर इंजन लगाए जाएंगे जो संबंधित खंडों में वाहनों को घुमाने की उच्चतम क्षमता (पीक टॉर्क) प्रदान करेंगे जिससे इस श्रेणी के ग्राहकों को कम समय में अधिक फेरे लगाने का मौका मिलेगा और इस प्रकार प्रति माह अधिक आय होगी।

अग्रवाल ने कहा कि कंपनी का गैर-डीजल खंड लगातार बढ़ रहा है जिसमें हल्के इलेक्ट्रिक ट्रक के दो मॉडल, एमएचसीवी इलेक्ट्रिक ट्रक के तीन मॉडल और इलेक्ट्रिक बसों के कई मॉडल एवं संस्करण पहले से ही व्यावसायिक रूप से उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी ने सीएनजी, एलएनजी और यहां तक ​​कि हाइड्रोजन जैसी अन्य हरित प्रौद्योगिकियों में भी प्रवेश किया है।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘ हम पूरी तरह से निर्मित बसों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी पूरी तरह से निर्मित बस क्षमता में लगातार वृद्धि कर रहे हैं। लखनऊ स्थित हमारे नवीनतम एवं सबसे आधुनिक बस संयंत्र का जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा। आंध्र प्रदेश और लखनऊ स्थित हमारे संयंत्रों के पूर्ण विस्तार के बाद हमारी बस का ढांचा बनाने (बॉडी-बिल्डिंग) की वर्तमान क्षमता लगभग 12,000 से बढ़कर 20,000 से अधिक प्रति वर्ष हो जाएगी।’’

चालू वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही पर उन्होंने कहा कि कंपनी मध्यम एवं भारी वाणिज्यिक वाहन (एमएचसीवी) तथा हल्के वाणिज्यिक वाहन (एलसीवी) दोनों खंडों के लिए वाणिज्यिक वाहन उद्योग की वृद्धि संभावनाओं के बारे में आशावादी बनी हुई है।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘ जीएसटी दरों में कटौती से एलसीवी खंड में पहले ही तेजी आ चुकी है। हमारा मानना ​​है कि व्यापक खपत में वृद्धि एवं बुनियादी ढांचा गतिविधियों में वृद्धि से एमएचसीवी उद्योग दूसरी छमाही में भी तेजी से आगे बढ़ेगा।’’

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों पर उन्होंने कहा कि 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक की दर को युक्तिसंगत बनाने से नए ट्रक और बस के स्वामित्व की लागत में कमी आई है। साथ ही कई अन्य श्रेणियों के सामान में जीएसटी दर में कमी से समग्र माल ढुलाई की मांग में वृद्धि होने की उम्मीद है।

भाषा निहारिका अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments