नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) वीडियो सेवा से जुड़े मंच यूट्यूब ने भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी और सुरक्षा सुविधाओं के साथ ही नए एआई आधारित टूल पेश किए हैं।
इस सप्ताह की शुरुआत में वार्षिक ‘यूट्यूब इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन में कंपनी ने ऑक्सफोर्ड इकॉनमिक्स की एक रिपोर्ट का भी उल्लेख किया, जिसमें बताया गया कि यूट्यूब के रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र ने पिछले साल भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया। साथ ही इसमें दावा किया गया कि यूट्यूब ने 9.3 लाख से अधिक पूर्णकालिक समकक्ष नौकरियों का समर्थन किया।
एक बयान के अनुसार, यूट्यूब ने भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के साथ साझेदारी की है। साथ ही रचनात्मकता को उजागर करने और भारतीयों को विश्वसनीय जानकारी से जोड़ने के लिए तैयार किए गए नए एआई आधारित टूल भी पेश किए हैं।
यूट्यूब की भारत में प्रबंध निदेशक गुंजन सोनी ने कहा कि इस मंच का प्रभाव सिर्फ वीडियो देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आजीविका और साझा आर्थिक वृद्धि से भी जुड़ा है।
बयान में कंपनी ने कहा, ‘‘हमारे कमाई करने वाले 63 प्रतिशत ‘क्रिएटर्स’ इस बात से सहमत हैं कि यूट्यूब उनकी आय का प्राथमिक स्रोत है। हमारी भूमिका इस सफलता के लिए बुनियादी ढांचा मुहैया कराना है। इसलिए, हम रणनीतिक साझेदारियां बना रहे हैं और नए एआई टूल पेश कर रहे हैं, जो उद्यमियों की अगली पीढ़ी को सशक्त बनाते हैं।’’
भाषा पाण्डेय अजय
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