नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) पुराने ढर्रे से काम करने की सोच के चलते प्रौद्योगिकी सेवा कंपनियों का राजस्व 30 प्रतिशत या उससे अधिक घट सकता है।
वैश्विक प्रौद्योगिकी सेवा उद्योग के सामने एआई जैसी बड़ी बाधाओं का हवाला देते हुए बेन एंड कंपनी ने यह बात कही।
अपनी नयी रिपोर्ट ‘प्रौद्योगिकी सेवाओं के लिए नया वृद्धि समीकरण’ में बेन एंड कंपनी ने कहा कि एआई या कृत्रिम मेधा प्रौद्योगिकी सेवाओं के लिए सबसे बड़ा व्यवधान है, लेकिन यह अकेला नहीं है।
इसके मुताबिक, आर्थिक राष्ट्रवाद, बढ़ती उम्र और ऊर्जा परिवर्तन भी पूरे उद्योग में बदलाव ला रहे हैं। ये कारक मिलकर प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाताओं के संचालन, मूल्य प्रदान करने और प्रतिस्पर्धा करने के तरीके को नया रूप दे रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक प्रौद्योगिकी सेवा उद्योग बड़े व्यवधान का सामना कर रहा है, और पुराने ढर्रे से काम करने की सोच के साथ इन कंपनियों का राजस्व 30 प्रतिशत या उससे अधिक घट सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘पूरे क्षेत्र में मार्जिन दो प्रतिशत से ज्यादा घटा है और मूल्यांकन महामारी से पहले के स्तर पर लौट आए हैं।’’
बेन के विश्लेषण से पता चला कि ये कारक नए अवसर भी पैदा करते हैं। एआई आधारित अर्थव्यवस्था के बढ़ने से डेटा संचालन, प्रणाली आधुनिकीकरण और चिप डिजाइन जैसे क्षेत्रों में वृद्धि को समर्थन मिल रहा है।
प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाताओं को निर्णायक कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए रिपोर्ट ने कहा कि फर्मों को न केवल ग्राहक समाधानों में, बल्कि अपने संचालन में भी एआई का उपयोग करना होगा।
भाषा पाण्डेय अजय
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