पटियाला, चार नवंबर (भाषा) पंजाब सरकार ने मंगलवार को बिजली वितरण कंपनी पीएसपीसीएल के निदेशक (उत्पादन) हरजीत सिंह की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं। यह कार्रवाई राज्य संचालित ताप-विद्युत संयंत्रों में ईंधन लागत प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप में की गई है।
पंजाब के बिजली सचिव और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के चेयरमैन बसंत गर्ग की तरफ से जारी आदेश में यह जानकारी दी गई।
इसके मुताबिक, पीएसपीसीएल के पास झारखंड की पछवाड़ा कोयला खदान से कोयला आपूर्ति होने के बावजूद गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल प्लांट (रूपनगर) और श्री गुरु अमरदास थर्मल प्लांट (गोइंदवाल साहिब) की ईंधन लागत निजी संयंत्रों की तुलना में 75 पैसे से 1.25 रुपये प्रति यूनिट अधिक पाई गई। इस वजह से बिजली कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
आदेश में कहा गया, “यह स्पष्ट रूप से ईंधन लागत घटक में बड़े पैमाने पर हेराफेरी को दर्शाता है। यह हरजीत सिंह द्वारा गंभीर कदाचार का मामला है। नियुक्ति की शर्तों के मुताबिक, राज्य सरकार किसी भी समय पूर्व-सूचना के बगैर उनकी सेवाएं समाप्त कर सकती है।”
आईएएस अधिकारी गर्ग ने दो दिन पहले ही पीएसपीसीएल के चेयरमैन-सह-प्रबंध निदेशक का पदभार संभाला था। कार्यभार संभालने के ही दिन गर्ग ने उन दो तापीय संयंत्रों से जुड़े मुख्य अभियंता हरीश शर्मा को भी निलंबित कर दिया था।
सूत्रों का कहना है कि सरकार ने तापीय संयंत्रों में ईंधन खपत और लागत गणना की स्वतंत्र जांच के भी आदेश दिए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
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प्रेम अजय
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