मुंबई, चार नवंबर (भाषा) विदेशों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर से उबरकर 11 पैसे की बढ़त के साथ 88.66 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि मजबूत डॉलर, विदेशी कोषों की निकासी और सुस्त घरेलू शेयर बाजार ने रुपये में तेज बढ़त को रोक दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 88.55 पर खुला और इसने डॉलर के मुकाबले 88.28 के दिन के उच्चतम स्तर को छुआ। इसने 88.67 के निचले स्तर को भी छुआ और सत्र के अंत में डॉलर के मुकाबले 88.66 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 11 पैसे की बढ़त है।
सोमवार को, लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ, रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले सात पैसे की गिरावट के साथ 88.77 पर बंद हुआ, जो अपने सर्वकालिक बंद स्तर के करीब है।
रुपया 14 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले 88.81 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था।
बुधवार को ‘गुरु नानक जयंती’ की छुट्टी के कारण विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहेंगे।
इस बीच, विश्व की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.09 प्रतिशत बढ़कर 99.80 पर पहुंच गया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.37 प्रतिशत गिरकर 64 डॉलर प्रति बैरल रह गया।
घरेलू शेयर बाजारों में, सेंसेक्स 519.34 अंक टूटकर 83,459.15 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 165.70 अंक टूटकर 25,597.65 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने सोमवार को 1,883.78 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश अजय
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