मुंबई, 27 अक्टूबर (भाषा) कच्चे तेल की कीमतों में व्यापक मजबूती और आयातकों मासांत की डॉलर मांग के कारण निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित होने से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 43 पैसे लुढ़ककर 88.26 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी संभावित अमेरिका-चीन व्यापार समझौते के कारण आई है, जो मजबूत वैश्विक तेल मांग की उम्मीदों को बल देता है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया डॉलर के मुकाबले 87.87 पर खुला और कारोबार के दौरान 88.31 के निचले स्तर और 87.86 के उच्च स्तर तक गया। अंत में यह पिछले बंद भाव से 43 पैसे की गिरावट के साथ 88.26 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
शुक्रवार को, रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले पांच पैसे बढ़कर 87.83 पर बंद हुआ था।
कारोबारी आगे के संकेतों के लिए व्यापार वार्ताओं और भू-राजनीतिक घटनाओं से जुड़े घटनाक्रमों पर नज़र बनाए हुए हैं।
मिराए एसेट शेयरखान के मुद्रा एवं जिंस के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि व्यापार समझौते को लेकर आशावाद और मज़बूत घरेलू शेयर बाजार के बीच बेहतर घरेलू बाजार धारणा के चलते रुपया सकारात्मक रुख़ के साथ कारोबार करेगा। भू-राजनीतिक तनाव कम होने से भी रुपये को समर्थन मिल सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, आयातकों की मासांत की डॉलर मांग और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से तेज़ी पर लगाम लग सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘डॉलर-रुपये की हाजिर कीमत 87.80 से 88.50 के बीच रहने की उम्मीद है।’’
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.86 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ 65.39 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स 566.96 अंक चढ़कर 84,778.84 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 170.90 अंक चढ़कर 25,966.05 पर बंद हुआ।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को 621.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा राजेश राजेश अजय
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