नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने मिल्की मिस्ट डेयरी फूड्स और क्योरफूड्स इंडिया समेत पांच कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से पूंजी जुटाने की मंजूरी दे दी है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के मुताबिक, नियामकीय मंजूरी पाने वाली कंपनियों में स्टीमहाउस इंडिया, गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट (गजा कैपिटल) और कनोडिया सीमेंट भी शामिल हैं।
इन कंपनियों ने इस साल मई से जुलाई के बीच अपने आईपीओ से संबंधित दस्तावेजों का मसौदा दाखिल किया था और इन्हें 14 से 24 अक्तूबर के बीच नियामकीय अनुमति प्राप्त हुई है।
सेबी की मंजूरी ऐसे समय में आई है जब घरेलू शेयर बाजार में प्राथमिक निर्गम लाने की गतिविधियां तेजी पर हैं। चालू वित्त वर्ष में अब तक 84 कंपनियां आईपीओ के जरिये बाजार में पूंजी जुटा चुकी हैं। इस सप्ताह लेंसकार्ट सॉल्यूशंस भी अपना आईपीओ लाने वाली है।
तमिलनाडु की डेयरी उत्पाद कंपनी मिल्की मिस्ट डेयरी फूड्स 2,035 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें 1,785 करोड़ रुपये का नया निर्गम और 250 करोड़ रुपये का शेयर बिक्री प्रस्ताव (ऑफर फॉर सेल) शामिल है।
केकज़ोन और नोमैड पिज्जा जैसे ब्रांड संचालित करने वाली क्योरफूड्स इंडिया करीब 800 करोड़ रुपये का नया निर्गम लाएगी। इसके अलावा मौजूदा निवेशक 4.85 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे।
स्टीमहाउस इंडिया और गजा कैपिटल ने अपने आईपीओ के लिए गोपनीय मार्ग चुना है, जिसमें शुरुआती चरण में निर्गम संबंधी ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया जाता है। सूत्रों ने कहा कि स्टीमहाउस इंडिया 500 से 700 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
गजा कैपिटल ने इस साल सेबी के पूर्व चेयरमैन यू. के. सिन्हा को गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया था।
कनोडिया सीमेंट का प्रस्तावित निर्गम पूरी तरह से बिक्री पेशकश के रूप में होगा, जिसमें प्रवर्तक और एक व्यक्तिगत शेयरधारक 1.49 करोड़ शेयर बेचेंगे।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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